बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु को उम्मीद है कि पिछले साल के अंत में वर्ल्ड टूर फाइनल्स की जीत ने उनके आलोचकों को शांत किया होगा जो यह मानते रहे हैं कि वह केवल रजत पदक ही लेने में सक्षम हैं। सिंधु ने जापान की नाजोमी ओकुहारा को 21-19, 21-17 से हराकर गुआंगझू में खिताब जीता था।
सिंधु ने कहा कि पिछले साल मैंने कई फाइनल में प्रवेश किया लेकिन मैं उतने भर से संतुष्ट नहीं थी। मैंने सकारात्मक सोच बनाई रखी और खिताब जीता। मैं जब फाइनल में हारी भी तब आलोचनाओं के बावजूद मैंने यही सोचा कि मैं कोई पहले राउंड में तो बाहर नहीं हुई।