इस सत्र में पहले खिताब की तलाश कर रहीं रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता पीवी सिंधू विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में नए सिरे से शुरुआत करेगी। वह तीन फाइनल में पहुंचीं पर उन्हें उपविजेता बनकर ही संतोष करना पड़ा।
सिंधु ने कहा, 'मैं जानती हूं कि कुछ समय से फाइनल हार रही हूं । हर बात का सकारात्मक और नकारात्मक पहलू होता है । क्वार्टर फाइनल या सेमीफाइनल में हारने पर आप उन गलतियों से सीखते हैं। आप अच्छा खेल रहे हैं लेकिन आखिरी बाधा पार नहीं कर पा रहे। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि फाइनल में पहुंचना जीतने के बराबर ही है। पहले या दूसरे दौर में हारना बुरा है। फाइनल में कुछ भी हो सकता है ।'
सिंधु भारतीय टीम के साथ शनिवार को चीन रवाना होगी जहां 30 जुलाई से विश्व चैंपियनशिप खेली जानी है। उन्होंने कहा कि मैं इसमें अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हूं । मेरी तैयारी अच्छी है। फिर एशियाई खेल भी है जिसमें भी मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हूं । विश्व चैंपियनशिप में ड्रा कठिन होगा लिहाजा उसे हलके में नहीं ले सकते।
एशियाई खेल कठिन होंगे लेकिन मुझे लगता है कि इसका स्तर किसी अन्य सुपर सीरीज टूर्नामेंट की तरह होगा। कैरोलिना मारिन के अलावा सारे एशियाई खिलाड़ी इसमें होंगे। मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं । यह साल अच्छा रहा है। मैं राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल तक पहुंची लेकिन थकान मुझ पर हावी हो गई थी। मैंने पिछली बार कांस्य जीता था तो इस बार रजत अच्छा है। उम्मीद है अगली बार पीला तमगा जीतूंगी।