फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रगान के दौरान तिरंगे को ऊपर चढ़ता देख अपने आंसू नहीं रोक पा रही थीं विश्वविजेता सिंधु

Mon, 26 Aug 2019 09:12 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
पीवी सिंधु - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

ओलंपिक की 'सिल्वर गर्ल' अब 'सुनहरी' हो चुकी है। रविवार को वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर पीवी सिंधु ने भारत के लिए सुनहरा इतिहास लिख दिया। लगातार दो फाइनल हारने के मिली जीत से बेहद उत्साहित सिंधु ने अपनी भावनाओं का इजहार सोशल मीडिया पर किया।

विज्ञापन




ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सिंधु ने अपनी तस्वीर के साथ लिखा कि, 'जब मैंने राष्ट्रगान बजने के दौरान तिरंगे को ऊपर चढ़ते देखा तो अपने आंसू नहीं रोक पाई। विश्व चैम्पियनशिप में कल की जीत के बारे में शब्द मेरी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकते। इतने समय से इसकी तैयारी कर रहा थी। आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। यह मेरे माता-पिता, मेरे कोच (गोपी सर और मिस किम) और मेरे ट्रेनर (श्री श्रीकांत वर्मा) के समर्थन के बिना संभव नहीं था और सबसे महत्वपूर्ण बात मैं अपने प्रायोजकों और अपने सभी प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगी, जिन्होंने मुझे समर्थन किया। 🙏🏻🙏🏻  आखिरकार विश्व चैंपियन 2019 🥇
 

मेरी जीत मुझ पर सवाल उठाने वालों के लिए जवाब है

पीवी सिंधु - फोटो : सोशल मीडिया
इस जीत से पहले सिंधु बड़े मैचों के फाइनल में पहुंचकर हार जा रही थीं। तभी तो खिताब जीतने के बाद एक इंटरव्यू में सिंधु ने कहा कि, 'फाइनल, सेमीफाइनल में हार जाने के बाद मैं गुस्से और निराशा से भर जाती थी। पिछले दो विश्व चैंपियनशिप में भी अहम मुकाबलों में निराशा हाथ लगी, लेकिन यह जीत मेरे तमाम आलोचकों को जवाब है।

सिंधु ने कहा कि मेरा गोल्ड उन सभी लोगों को जवाब है, जो बार-बार मेरे खेल पर सवाल उठाते थे। मैं सिर्फ अपने रैकेट से उनका मुंह बंद कराना चाहती थी, जो मैंने कर दिया। मैंने खुद को प्रोत्साहित किया, जीत के लिए तैयार किया और अब परिणाम सभी के सामने है।

सिंधु की इस ऐतिहासिक जीत के बाद चारों तरफ से उन्हें बधाई मिल रही है। सिंधु आज बुलंदियों पर हैं। यह स्टार शटलर वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वालीं पहली भारतीय बन गईं। खिताबी मुकाबले में रविवार को जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-7, 21-7 से हराकर उन्होंने यह मुकाम पाया।

इस चैंपियनशिप में उनके पास दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज थे। स्कॉटलैंड में आयोजित 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में सिंधु का गोल्ड जीतने का सपना ओकुहारा ने ही तोड़ा था, तब सिंधु को इस जापानी शटलर ने 21-19, 20-22, 22-20 से कड़े संघर्ष में मात दी थी। पर आखिरकार उन्होंने सोना जीतने में कामयाबी हासिल कर ही ली। आम तौर पर एक, दो हार के बाद बड़े-बड़े दिग्गजों का हौसला टूटने लगता है, 25 अगस्त को उन्होंने सबकुछ पा लिया।
विज्ञापन

पीवी सिंधु - फोटो : अमर उजाला
अक्सर खिताबी मुकाबलों में हारने वालीं पीवी जब रविवार को कोर्ट पर उतरीं तो वह एक अलग ही अंदाज में दिखीं उन्होंने पूरे मैच के दौरान ओकुहारा पर अपना दबदबा बनाए रखा और इस जापानी खिलाड़ी को कहीं से भी मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

आज से 6 साल पहले साल 2013 में सिंधु ने पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप से ही वर्ल्ड बैडमिंटन में अपनी पहचान बनाई थी। सीनियर लेवल पर सिंधु ने पहली बार इसी टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर अपने नाम की सनसनी मचाने वाली सिंधु, 2012 ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालीं साइना नेहवाल की विरासत को ही आगे बढ़ा रहीं हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें