फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakshay Sen Story: 10 साल की उम्र में लक्ष्य को पहचान गए थे प्रकाश पादुकोण, उन्हें सालों तक सिखाया, अब मिल रहे नतीजे

Mon, 21 Mar 2022 09:55 AM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रकाश पादुकोण ने बताया है कि 10 साल की उम्र में ही लक्ष्य की प्रतिभा उन्होंने पहचान ली थी। इसके बाद सालों तक उन्हें एकेडमी में तैयार किया गया और अब इसका असर दिख रहा है। 
 
विज्ञापन
लक्ष्य सेन और प्रकाश पादुकोण - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऑल इंग्लैंड ओपेन के फाइनल में पहुंचकर लक्ष्य सेन ने इतिहास रच दिया है। खिताबी मुकाबले में उन्हें भले ही विक्टर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन उन्होंने देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है। अब हर भारतीय को लक्ष्य से खासी उम्मीदें होंगी। ऑल इंग्लैंड ओपेन जीतने वाली दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण भी लक्ष्य के प्रदर्शन से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा है कि लक्ष्य का यह प्रदर्शन अचानक ही नहीं आया है। उनकी प्रतिभा 10 साल की उम्र में पहचान ली गई थी। इसके बाद सालों तक एकेडमी में उन्हें प्रशिक्षण दिया गया और अब सभी की मेहनत रंग ला रही है। 
विज्ञापन


प्रकाश पादुकोण ने कहा है कि पिछले छह महीने में यूरोप में हुए टूर्नामेंट में लक्ष्य का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने कई ऐसे खिलाड़ियों को हराया है दुनिया के टॉप पांच खिलाड़ियों में शामिल हैं। इससे पता चलता है कि कुछ महीने पहले विश्व चैंपियनशिप में उनका कांस्य पदक जीतना कोई तुक्का नहीं था। कोरोना के बाद अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन की प्रतियोगिताएं शुरू होने के बाद लक्ष्य लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। 

कड़ी मेहनत और अनुशासन बनाता है खास
लक्ष्य की सफलता के पीछे की वजह बताते हुए प्रकाश पादुकोण ने कहा कि वो कड़ी मेहनत करते हैं। अपना ध्यान लक्ष्य पर केन्द्रित रखते हैं, अनुशासन में रहते हैं और जमीन से जुड़े हुए इंसान हैं। वो अपने खेल के लिए समर्पित हैं और मानसिक रूप से बेहद मजबूत हैं। अपने से बेहतर रैंकिंग वाले खिलाड़ियों के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने दिखाया है कि वो मानसिक रूप से कितने मजबूत हैं। खासकर पिछले दो टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन कमाल का रहा है। 
विज्ञापन


लक्ष्य की असली परीक्षा अब 
पादुकोण का मानना है कि लक्ष्य के सामने असली चुनौतियां अब आएंगी। उन्होंने कहा "यह उनके लिए आसान नहीं होने वाला। खासकर लक्ष्य जैसे युवा खिलाड़ी के लिए। उन्होंने सही मायने में वैश्विक स्तर पर अपने आगाज का एलान कर दिया है, लेकिन उनके सामने असली चुनौती अब शुरू होती है। मैं अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि उच्च स्तर पर पहुंचना मुश्किल है, लेकिन उससे भी ज्यादा मुश्किल है उस स्तर पर बने रहना। यह बहुत ज्यादा मेहनत और मानसिक मजबूती की मांग करता है। हालांकि, लक्ष्य के अंदर अगले पांच साल तक इस स्तर पर बने रहने की पूरी क्षमता है।"

जल्द ही टॉप 10 में शामिल होंगे लक्ष्य
लक्ष्य सेन जल्द ही टॉप 10 खिलाड़ियों में जगह बना सकते हैं। प्रकाश पादुकोण के अनुसार अगले हफ्ते जारी होने वाली रैंकिंग में लक्ष्य टॉप 10 खिलाड़ियों में शामिल होंगे। यह बड़ी उपबलब्धि होगी, लेकिन पादुकोण चाहते हैं कि लक्ष्य अपने शानदार प्रदर्शन को ओलंपिक तक जारी रखें और देश के लिए पदक जीतें। विमल कुमार की अगुवाई में लक्ष्य की मदद के लिए एक कुशल कोचिंग टीम है, जो आगे चलकर बहुत मदद करने वाली है। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें