एक तरफ जहां पूरे देश में पीवी सिंधू के बैडमिंटन में रजत पदक जीतने के बाद कोच गोपीचंद की वाहवाही हो रही है, वहीं दूसरी तरफ एक वरिष्ठ खिलाड़ी पी कश्यप ने गोपीचंद एकेडमी छोड़ दी है।
इससे पहले साल 2014 में साइना नेहवाल ने भी गोपीचंद एकेडमी छोड़ दी थी और कोच विमल कुमार से ट्रेनिंग लेने बैंगलोर की प्रकाश पादुकोण एकेडमी चली गईं थीं। साइना के नक्शे कदम पर चलते हुए पी कश्यप भी बैंगलोर शिफ्ट हो रहे हैं।
29 वर्षीय कश्यप घुटने की चोट के कारण रियो ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले सके थे जो उन्हें इसी साल मार्च में जर्मन ओपन के दौरान लगी थी। इस वजह से उनका ओलंपिक में जाने का सपना टूट गया था। इसके बाद उनके सीधे पैर के घुटने का ऑपरेशन हुआ। इसके बाद वह रिहैबिलिटेशन के दौर से गुजर रहे हैं। जो कि एक लंबी प्रक्रिया है। 2014 राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता कश्यप बैंगलोर शिफ्ट हो रहे हैं वह वहां जाने माने कोच टॉम जान की टॉम्स बैडमिंटन एकेडमी में प्रशिक्षण लेंगे।
बैंगलोर आने रके बारे में कश्यप ने कहा कि वह शुरुआत में दो महीने के लिए माहौल में बदलाव के लिए यहां आना चाहता था, चोट के कारण ओलंपिक में भाग न ले पाना मेरे लिए परेशानी भरा था। जब उनसे उनके इस निर्णय के बारे में गोपीचंद की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं कहा लेकिन मैं एक सीनियर खिलाड़ी हैं और वे मेरी परेशानी समझेंगे। मेरी मनोस्थिति को समझते हुए वह इसका गलत अर्थ नहीं निकालेंगे।