भारत की निगाहें सुरबया, इंडोनिशया में बुधवार से शुरू हो रही पांच दिवसीय अंडर-15 और अंडर-17 एशियाई जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में पिछली बार से ज्यादा पदक जीतने पर लगी हैं। इसमें शिरकत करने के लिए भारतीय टीम रविवार को इंडोनेशिया रवाना हुई।
भारत ने म्यांमार में पिछली बार 2018 में एशियाई जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में मात्र एक स्वर्ण जीता था। तब भारत को यह सुनहरा तमगा गुजरात की तसमिन मीर और तेलंगाना की मेघना रेड्डी की जोड़ी ने लड़कियों के अंडर-15 वर्ग में डबल्स में दिलाया था।
शीर्ष वरीयता प्राप्त महाराष्ट्र के वरुण कुमार लड़कों के अंडर-17 एकल में और इसी आयु वर्ग में वरीयता क्रम में भारत की नंबर एक खिलाड़ी उत्तर प्रदेश की मानसी सिंह अंडर-17 एशियाई जूनियर बैडमिंटन में भारत की चुनौती की अगुआई करेंगी। अंडर 15 चैंपियनशिप में लड़कियों एकल के वर्ग में भारत की तसमिन मीर को और असम के तनमय बरूआ को लड़कों के एक में शीर्ष वरीयता दी गई है।
भारतीय बैडमिंटन संघ के महासचिव अजय सिंहानिया ने कहा कि हमने इस चैंपियनशिप के लिए खिलाडिय़ों का चयन गुवाहाटी में मणिपुर में जून और जुलाई में हुए विभिन्न टूर्नामेंटों में प्रदर्शन के आधार पर किया है। हमारी टीम के हौसले बुलंद हैं।’