भारत की शीर्ष वरीयता प्राप्त तन्वी शर्मा ने बीडब्ल्यूएफ विश्व जूनियर चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन जारी रखा। तन्वी ने चीन की लियू सी या के खिलाफ दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की की। 16 साल की तन्वी ने अपनी प्रतिद्वंद्वी पर 15-11, 15-9 से जीत दर्ज की। वह इस तरह इस टूर्नामेंट के फाइनल में क्वालिफाई करने वाली पूर्व विश्व नंबर एक साइना नेहवाल और अपर्णा पोपट के बाद केवल तीसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं।
फाइनल में पिचिटप्रीचसाक से होगा सामना
फाइनल में तन्वी का मुकाबला अब थाईलैंड की दूसरी वरीयता प्राप्त अन्यापत पिचिटप्रीचसाक से होगा। पिचिटप्रीचसाक ने दूसरे सेमीफाइनल में हमवतन यातावीमिन केतक्लियेंग को एक गेम से पिछड़ने के बाद 10-15, 15-11, 15-5 से हराकर वापसी की। तन्वी ने 17 साल में पहली बार विश्व जूनियर चैंपियनशिप में भारत के लिए पदक सुनिश्चित किया था। सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने ली के खिलाफ शुरुआत से ही अपने शानदार खेल का लोहा मनवाया। उन्होंने कोर्ट के अगले हिस्से शानदार इस्तेमाल करते हुए चीन की खिलाड़ी पर दबाव बना दिया। भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआती गेम में 7-3 की बढ़त बना ली और हालांकि लियू एक समय पर अंतर को 8-7 तक कम करने में कामयाब रहीं, लेकिन तन्वी पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।
तन्वी ने पहला गेम केवल 13 मिनट में समाप्त कर दिया। उन्होंने दूसरे सेट में तेजी से 12-4 की बढ़त ली लेकिन चीन की खिलाड़ी ने लगातार अंक जुटाते हुए वापसी की कोशिश की। तन्वी ने हालांकि उनकी कोशिश को नाकाम करते हुए प्रभावशाली जीत दर्ज की। इससे पहले पुरुषों के एकल में इंडोनेशिया के मोहम्मद जाकी उबैदुल्लाह ने चीन के ली ची हैंग को 14-16, 16-14, 15-12 से हराया।