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Kidambi Srikanth: विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर स्वदेश लौटे श्रीकांत, कहा- में मुझे लगा ओलंपिक दुनिया का अंत नहीं है

Tue, 21 Dec 2021 08:57 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

भारत के स्टार शटलर किदांबी श्रीकांत स्पेन में इतिहास रच कर स्वदेश लौट आए हैं। वह विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। श्रीकांत ने हैदराबाद पहुंचने के बाद मीडिया से बात की और अपने अनुभवों को साझा करते हुए कई सवालों के जवाब भी दिए।
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किदांबी श्रीकांत - फोटो : twitter@BAI_media
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विस्तार
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भारत के स्टार शटलर किदांबी श्रीकांत स्पेन में इतिहास रच कर स्वदेश लौट आए हैं। हुएल्वा में खेले गए विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में श्रीकांत ने रजत पदक अपने नाम किया। वह विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। 

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श्रीकांत ने हैदराबाद पहुंचने के बाद मीडिया से बात की और अपने अनुभवों को साझा करते हुए कई सवालों के जवाब भी दिए। श्रीकांत ने टोक्यो ओलंपिक में क्वालीफाई नहीं कर पाने के मामले पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, 'जब वह चोट और क्वालीफायर टूर्नामेंटों के रद्द होने की वजह से टोक्यो ओलंपिक में नहीं खेल पाए तो उन्होंने खुद से कहा कि ओलंपिक दुनिया का अंत नहीं है।'

भारतीय शटलर ने मंगलवार को कहा, 'उन्हें विश्वास था कि उनका समय आएगा और उन्होंने इस दिशा में काम किया। अब, उन्हें खुशी है कि उनकी मेहनत रंग लाई है, जिसका प्रमाण पुरुष एकल प्रतियोगिता में ऐतिहासिक विश्व चैंपियनशिप का रजत पदक है।' उन्होंने कहा, 'ओलंपिक।।। मैं भी निराश था। अगर आप इसे देखें, तो मैं अभी भी भारत का सर्वोच्च रैंक वाला खिलाड़ी था। लेकिन, ओलंपिक योग्यता के लिए कुछ टूर्नामेंट होने वाले थे। लगभग सात से नौ टूर्नामेंट रद्द हो गए'। 
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श्रीकांत ने आगे कहा, 'क्वालिफिकेशन का पहला भाग, मैं अपनी चोट के कारण नहीं खेल सका। दूसरा भाग, मैं पूरी तरह से फिट था। लेकिन, टूर्नामेंट नहीं हुआ। 2021, मैंने फिर से शुरू किया… मैंने स्विस ओपन सेमीफाइनल खेला। मैंने कहा था कि मैं आश्वस्त महसूस कर रहा हूं, मैं इसे ओलंपिक में जगह बना सकता हूं। लेकिन, फिर से, हर टूर्नामेंट रद्द हो गया। वे चीजें कुछ ऐसी हैं जो मेरे नियंत्रण में नहीं हैं। इसलिए, मैं इसके बारे में बात नहीं कर सकता। मैंने उस दिन महसूस किया कि ओलंपिक दुनिया का अंत नहीं है। मैंने सोचा था कि मेरे अपने मौके होंगे। मैंने इसके लिए काम किया। मैं बस खुश हूं कि मेहनत का फल मिला।'

किदांबी ने भविष्य के बारे में बात करते हुए कहा, 'मैंने नए साल में अपनी फॉर्म और फिटनेस को बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करूंगा। अब मेरा एकमात्र फोकस इसे बनाए रखने और और बेहतर करने पर है। क्योंकि, ऑल इंग्लैंड और फिर कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स अगले साल हैं। यह बहुत बड़ा साल है। अगले आठ से 10 महीने मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए मैं गोपी अन्ना (कोच पुलेला गोपीचंद) के साथ मिलकर अपनी कमियों और गलतियों पर काम करूँगा।' 

विश्व चैंपियनशिप में जीत पर श्रीकांत ने अपनी खुशी जाहिर की और कहा, 'एक बहुत अच्छा एहसास। किसी के लिए भी एक बहुत ही खास टूर्नामेंट। विश्व चैंपियनशिप का अपना विशेष महत्व है। इस तरह के एक बड़े टूर्नामेंट का फाइनल खेलने के लिए, मैं बहुत खुश हूं।'

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