भारत के पूर्व मुख्य कोच विमल कुमार बीडब्ल्यूएफ के स्कोरिंग प्रणाली में बदलाव करने के फैसले से बेहद निराश हैं। उन्होंने इसे खेल की वास्तविक चुनौतियों का समाधान किए बिना खेल को कमजोर करने वाला कदम बताया।
पूर्व भारतीय बैडमिंटन कोच विमल कुमार ने विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) के नए 3x15 स्कोरिंग सिस्टम को शुरू करने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि नए नियम से खेल कमजोर होगा। कुमार ने काउंसिल मेंबर्स से इस प्रस्ताव को मिले सपोर्ट पर चिंता जताई।
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बीडब्ल्यूएफ पर साधा निशाना
विमल कुमार ने कहा, बीडब्ल्यूएफ के स्कोरिंग सिस्टम में बदलाव करने के फैसले से बहुत निराश हूं। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि काउंसिल मेंबर्स से इसे जबरदस्त समर्थन मिला है। मौजूदा फॉर्मेट ने सभी खेलने के स्टाइल में, खासकर मेन इवेंट्स—पुरुष और महिला एकल में एक जैसा मौका सुनिश्चित किया। स्किल, लचीलापन, फिटनेस और मेंटल स्ट्रेंथ हमेशा हमारे खेल की खासियत रही है। अवधि को असरदार तरीके से कम करके बीडब्ल्यूएफ इन इवेंट्स को कमजोर करने का जोखिम उठा रहा है।
उन्होंने कहा, यह कहना कि इससे शुरुआती उत्साह पैदा होगा छोटी सोच वाला लगता है। बैडमिंटन में एक्साइटमेंट की कभी कमी नहीं रही। इस खेल ने लगातार इंटेंसिटी है, जिसकी बराबरी बहुत कम खेल कर सकते हैं। अगर बदलाव जरूरी था, तो एकल की इंटीग्रिटी को बनाए रखते हुए, इसे चुनिंदा डबल्स फॉर्मेट में क्यों नहीं लागू किया गया? यह ज्यादा संतुलित तरीका होता।
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अगले साल लागू होगा नया स्कोरिंग सिस्टम
स्कोरिंग सिस्टम के अलावा, कुमार ने इस खेल में कुछ और गहरी दिक्कतों पर भी जोर दिया, जिसमें वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए पुरस्कार राशि की कमी, एकल में सीमित इनाम और अंपायरिंग के फैसलों के लिए रिव्यू सिस्टम का न होना शामिल है। बीडब्ल्यूएफ ने गेम स्कोर करने के तरीके में एक बड़े बदलाव को मंजूरी दी। जनवरी 2027 से अपने सदस्य एसोसिएशन से काफी सपोर्ट मिलने के बाद एक नया 3x15-अंक सिस्टम इस्तेमाल किया जाएगा।