वर्मा बंधु सौरभ और समीर मंगलवार से शुरू होने वाले डच ओपन सुपर 100 बैडमिंटन टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। वर्मा बंधु विपरीत परिस्थितियों में इस टूर्नामेंट में उतर रहे हैं। शीर्ष वरीयता प्राप्त समीर जहां फिटनेस की समस्याओं से जूझ रहे थे और चीन व कोरिया ओपन में नहीं खेल पाए थे।
वहीं सौरभ ने पिछले महीने वियतनाम ओपन सुपर का खिताब जीता था। समीर इस साल कड़े दौर से गुजरे हैं। वह सिर्फ सिंगापुर ओपन और एशियाई चैंपियनशिप के ही क्वार्टर फाइनल में पहुंच पाए जबकि बाकी टूर्नामेंट में वह शुरुआती दौर में बाहर हो गए थे। यह 24 वर्षीय खिलाड़ी इस साल के शुरू में शीर्ष दस में पहुंचने के करीब था लेकिन खराब प्रदर्शन से वह रैंकिंग में 17वें स्थान पर खिसक गया। उन्हें यह शुरुआती दौर में बाई मिली है। दूसरी तरफ चौथी वरीयता प्राप्त सौरभ ने इस साल हैदराबाद और वियतनाम ओपन में खिताब जीते हैं जिससे वह रैंकिंग में 34वें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्हें भी पहले दौर में बाई मिली है और दूसरे दौर में उनका सामना स्पेन के पाब्लो अबेन से हो सकता है।
लक्ष्य के सामने नहाट : युवा लक्ष्य सेन भी इस सप्ताह कोर्ट पर दिखेंगे। अल्मोड़ा के इस 18 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछले सप्ताह बेल्जियम अंतरराष्ट्रीय का खिताब जीता था। इससे वह आत्मविश्वास से भरे हैं। वह पहले दौर में आयरलैंड के नहाट नगुएन से खेलेंगे। उदीयमान खिलाड़ी मिथुन मंजूनाथ को भी पहले दौर में बाई मिली है। वह दूसरे दौर में फ्रांस के पांचवें वरीय थॉमस रॉक्सेल के खिलाफ शुरुआत करेंगे। महिला एकल में ऋतुपर्णा दास का सामना रूस में जन्मी इजरायली शटलर सेनिया पोलिकार्पोवा से होगा। महिला युगल में पूजा डांडु और संजना संतोष पहले दौर में एम्मा कार्लसन और योहाना मैगनसन से भिड़ेंगी।