हैदराबाद की 23 साल की इस खिलाड़ी के लिए एशियाई खेलों की चैम्पियन ताइ जु यिंग की चुनौती से पार पाना काफी मुश्किल रहा है जिन्होंने सिंधुको पिछले छह मुकाबले में हराया है। सिंधु ने उन्हें पिछली बार 2016 रियो ओलंपिक में हराया था। झांग के खिलाफ सिंधुका रिकार्ड 3-3 का है लेकिन पिछले तीन मुकाबलों में अमेरिकी खिलाड़ी भारतीय खिलाड़ी पर भारी रही है जिसमें इंडिया ओपन विश्व टूर सुपर 500 टूर्नामेंट का फाइनल भी शामिल है।
किदांबी श्रीकांत के बाद टूर्नामेंट का टिकट पाने वाले दूसरे भारतीय पुरुष बने समीर के लिए चुनौती थोड़ी आसान है। सुगियार्तो और वानचारोइन के खिलाफ उनका रिकार्ड 1-1 का है। उनकी मुख्य चिंता मोमोता की चुनौती से पार पाना होगा जिन्हें भारतीय खिलाड़ी ने स्विस ओपन में खिताबी जीत के दौरान हराया था। स्विस ओपन के बाद जापान का यह खिलाड़ी इस खेल की बड़ी ताकत के रूप में उभरा है।
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को पहले सुपर सीरिज फाइनल के नाम से जाना जाता था जिसके लिए साइना नेहवाल सात बार क्वालीफाई करने में सफल रही। वह 2011 के सत्र के फाइनल में पहुंची थी।
ज्वाला गुट्टा और वी दीजू की भारतीय मिश्रित युगल जोड़ी 2009 में इस टूर्नामेंट की उपविजेता रही थी।