जापान की अकाने यामागुची ने साल के अंतिम दो टूर्नामेंट इंडोनेशिया और जापान में सिंधु की आक्रामक रणनीति को रोका। यह पूछने पर कि क्या दुनिया की नंबर एक यामागुची विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक की उम्मीद में सबसे बड़ा खतरा होंगी तो उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगता है, मैंने इंडोनेशिया में उनके खिलाफ अच्छा खेली, लेकिन उन्होंने जरूर मुझसे बेहतर उस दिन खेला। वह अच्छा आक्रमण कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि, मैं यामागुची की आक्रामकता से हैरान नहीं थी। मैं तैयार थी, अगर मैंने पहला गेम जीता होता तो शायद चीजें कुछ अलग हो सकती थीं। सिंधु को विश्व चैम्पियनशिप में पांचवीं वरीयता मिली है और पहले दौर में बाई मिली है।
वह अपने अभियान की शुरूआत चीनी ताइपे की पाई यु पो या बुल्गारिया की लिंडा जेचिरी के खिलाफ कर सकती हैं। अगर वह जीत जाती हैं तो तीसरे दौर में अमेरिका की बेईवेन झांग से भिड़ सकती हैं। जबकि क्वार्टरफाइनल में वह चीनी ताइपे की ताई जु यिंग के सामने हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि विश्व चैम्पियनशिप में पहले दौर से ही चीजें मुश्किल होंगी। अगर आप ड्रा देखोगे तो मैं चीनी ताइपे की खिलाड़ी से खेल रही हूं, फिर बेईवेन से भिड़ सकती हूं। अगर जीत गई तो मुझे क्वार्टर में ताई जु यिंग से खेलना होगा। मुझे हर मैच पर ध्यान लगाना होगा क्योंकि कुछ भी हो सकता है।