शानदार रहा मुकाबला
तीसरे मुकाबले में नाथूपुर एफसी का सामना वीरपुर की टीम से हुआ। इस मैच में नाथूपुर एफसी की लड़कियों ने बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। टीम के लिए पहला गोल श्रद्धा ने मैच के तीसरे ही मिनट में कर दिया, जिससे वीरपुर की टीम दबाव में आ गई। इसके बाद सातवें मिनट में नीतू ने और 15वें मिनट में रोली ने गोल दागकर नाथूपुर एफसी की जीत तय कर दी। नाथूपुर एफसी ने मुकाबला 3-0 के अंतर से जीता।
दिन का चौथा मैच फुटबॉल नर्सरी एवं जलालीपट्टी के बीच खेला गया। इस मुकाबले में भी फुटबॉल नर्सरी का दबदबा कायम रहा और टीम ने तीन गोल से शानदार विजय प्राप्त की। फुटबॉल नर्सरी के लिए सारस ने अकेले दो गोल दागे। उन्होंने पहला गोल मैच के 14वें मिनट में और दूसरा गोल 17वें मिनट में किया। इसके बाद शिवम ने 27वें मिनट में एक और गोल कर टीम की बढ़त को 3-0 कर दिया।
पांचवां और अंतिम मुकाबला कंचनपुर एफसी और भुल्लनपुर के बीच खेला गया। यह मैच काफी संघर्षपूर्ण रहा और दोनों टीमों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल कंचनपुर एफसी के अलतमस ने खेल के 25वें मिनट में किया। इस एक गोल की बढ़त को कंचनपुर की टीम ने अंत तक बनाए रखा और 1-0 से मैच जीत लिया।
राष्ट्रीय हैंडबाॅल की विजेता खिलाड़ियों का हुआ सम्मान।
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छात्राओं ने राष्ट्रीय हैंडबाॅल में जीता कांस्य
वाराणसी पब्लिक स्कूल केराकतपुर लोहता की तीन छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए विद्यालय और शहर का नाम रोशन किया है। जान्हवी दूबे (कक्षा-10), नव्या मौर्या (कक्षा-8) तथा रक्षा पटेल (कक्षा-10) ने कर्नाटक में 30 अप्रैल से 04 मई तक आयोजित सब-जूनियर (अंडर-14) राष्ट्रीय हैंडबाॅल प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया, जिसमें इन तीनों छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर विद्यालय लौटने पर प्रधानाचार्या मीना अवस्थी ने छात्राओं का स्वागत और सम्मानित किया।
खेलो इंडिया में काशी की बेटियों का दबदबा
बिहार में चल रहे खेलो इंडिया यूथ गेम्स में काशी की बेटियों ने कबड्डी के मैदान पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। महिला कबड्डी प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है। इस 12 सदस्यीय टीम में जिले की तीन होनहार खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नेशनल स्तर पर अपनी पहचान बना चुकीं सोनाली कनौजिया, संजना और अमृता यादव ने यूपी टीम का प्रतिनिधित्व किया और अपनी उत्कृष्ट खेल कौशल से टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। इन तीनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत उत्तर प्रदेश की टीम रजत पदक जीतने में सफल रही। उनकी फूर्ति, रणनीति और टीम भावना ने उन्हें विपक्षी टीमों के लिए कड़ी चुनौती पेश की।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के मंच पर काशी की बेटियों का यह प्रदर्शन न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह वाराणसी और पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है।
विद्यालयों में 21 से ग्रीष्मकालीन शिविर
माध्यमिक विद्यालयों में 21 मई से 10 जून तक ग्रीष्मकालीन शिविर का आयोजन किया जाएगा। नई खोज, खेल-खेल में सीखने के लिए शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों को खेलकूद, कला, विज्ञान और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समग्र विकास किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जिले के सभी विद्यालयों को इसकी सूचना दे गई है।
21 मई को योग और खोखो, फुटबाल के साथ व्यायाम का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 23 गई को रंगोली और मिट्टी कला का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 24 मई को कॅरिअर गाइडेंस सहित प्रतिदिन अलग अगल गतिविधिओं का आयोजन किया जाएगा। शिविर के आयोजन और निगरानी के लिए समिति का गठन किया गया है। जिसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष, जिला विद्यालय निरीक्षक सचिव और सीडीओ, बीएसए, खेल अधिकारी, उद्यान अधिकारी और प्रधानाचार्यों को सदस्य बनाया गया है।
तीन दिन में एक ही खेल की तीन परिसर में प्रतियोगिताएं, खिलाड़ी परेशान
राजधानी लखनऊ में ताइक्वांडो की तीन अलग-अलग प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन जिले खिलाड़ी भ्रम में पड़ गए हैं कि किसमें हिस्सा ले किसमें नहीं। 16 से 18 मई तक तीन अलग-अलग परिसरों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। यह स्थिति खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों के बीच भ्रम पैदा कर रही है। वे तय नहीं कर पा रहे हैं कि उन्हें किस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहिए और किसे छोड़ना चाहिए।
इस जटिल परिदृश्य में एक और पेचीदा मोड़ तब आया है जब इसी अवधि में आगरा में एक राष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडो प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है। एक साथ इतनी प्रतियोगिताएं होने से युवा एथलीटों के लिए यह निर्णय लेना मुश्किल हो गया है कि उन्हें अपनी प्रतिभा और ऊर्जा किस मंच पर लगानी चाहिए।
यह स्थिति न केवल खिलाड़ियों के लिए निराशाजनक है, बल्कि खेल प्रशिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है, जो अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं।
जिला ताइक्वांडो संघ के अध्यक्ष आशीष प्रताप सिंह ने बताया कि लखनऊ में तीन अलग-अलग स्थानों पर प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जबकि उसी समय आगरा में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता भी हो रही है। ये स्थिति खिलाड़ियों के लिए एक दुविधा खड़ी कर दी है कि वे किस प्रतियोगिता को चुनें।
उन्होंने कहा खेल संघों पर किसी भी प्रकार का नियंत्रण न होने के कारण, संघ के संचालक खिलाड़ियों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं। कुछ संघ प्रतियोगिता में प्रवेश शुल्क के नाम पर खिलाड़ियों से दो हजार रुपये तक की राशि वसूल रहे हैं। यह उच्च प्रवेश शुल्क कई गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ बन रहा है, जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए भी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना मुश्किल हो गया है।
अंतिम समय में मोनू के गोल से विकास क्लब पहुंचा फाइनल में
परमानंदपुर मिनी स्टेडियम में शुक्रवार को वीर अब्दुल हमीद बालक हॉकी प्रतियोगिता का सेमीफाइनल मैच खेला गया। इसमें विकास क्लब ने सेमीफाइनल में जुपिटर क्लब को कड़े मुकाबले में 3-2 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। मैच में दोनों टीमों ने शुरू से तेज खेल का प्रदर्शन किया।
खेल के दसवें मिनट में विकास क्लब को पेनल्टी काॅर्नर मिला। जिस पर शुभम पटेल ने तेज हिट से गोल कर अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। पांच मिनट बाद ही जुपिटर क्लब के देव कुमार ने प्रिंस पटेल के माइनस पास पर गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। मैच के 18वें मिनट में सगीर के क्राॅस पास पर विकास क्लब के शुभम पटेल ने गोल कर स्कोर 2-1 कर दिया। हॉफ टाइम तक यही स्कोर रहा।
दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने शुरू से एक दूसरे पर छोटे छोटे पास के सहारे दबाव बनाया। खेल के 26वें मिनट में प्रिंस कुमार के सटीक पास पर सूरज यादव ने गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया। स्कोर बराबर होने के बाद फाइनल में प्रवेश के लिए दोनों टीमों ने एक दूसरे के ऊपर तेज हमला किया। मैच समाप्त होने की लंबी सीटी बजने से दो मिनट पहले मोनू ने एकल प्रयास से गोल कर विकास क्लब को 3-2 की बढ़त दिला दी। इदरीस अहमद और जावेद खान निर्णायक थे।
100 मीटर दाैड़ के लिए तैयार होते एथलीट।
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23वीं यूपी एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए एथलीट का हुआ ट्रायल
23वीं उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए सिगरा स्टेडियम में शुक्रवार को जिले के एथलीटों का ट्रायल किया गया। इसमें जिले भर से 150 एथलीटों ने हिस्सा लिया, जिसमें अपनी क्षमता और कौशल का प्रदर्शन किया। ट्रायल अंडर-20 आयु वर्ग के एथलीटों के लिए आयोजित किया गया था, जो आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव रमेश कुमार ने बताया कि 18 और 19 मई को प्रयागराज में 23वीं यूपी एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जिले की टीम का गठन करने के लिए ट्रायल हुआ।
इसमें दौड़, लंबीकूद, ऊंचीकूद, भालाफेंक आदि स्पर्धाओं के लिए खिलाड़ियों का उनकी प्रतिभा और प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया गया। चयनकर्ताओं ने खिलाड़ियों की शारीरिक फिटनेस, तकनीक और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का बारीकी से परखा गया।