भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व उपाध्यक्ष जगदीश टाइटलर का कहना है कि आईओसी की चेतावनी के बावजूद चुनाव कराने वाले आईओए प्रशासकों को अड़ियल रवैया हैरानी भरा था। टाइटलर ने कहा, ‘यह भारतीय ओलंपिक के इतिहास का सबसे काला दिन था। मैं भारत के सभी खेल प्रशासकों को यह संदेश देना चाहता हूं, जो इतने लंबे समय से आईओए से जुड़े हैं, जिन लोगों को मैंने गेम्स और खिलाड़ियों के लिए कड़ी मेहनत करते देखा, अचानक उनका रवैया बदल गया।
आईओसी से लगातार चेतावनी मिलने के बावजूद उन्होंने चुनाव कराए। हमने नतीजों और अपने खिलाड़ियों के भविष्य की परवाह किए बिना आईओसी को चुनौती दी। मेरे समेत जब कुछ लोगों ने नाम वापिस लेकर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया था कि हम ओलंपिक इतिहास के सबसे शर्मनाक अध्याय का हिस्सा नहीं बनना चाहते, तभी लोगों की आंखें खुल जानी चाहिए थी। लेकिन किसी ने परवाह नहीं की। आईओसी की चेतावनी को अनदेखा करके चुनाव कराए गए।’