अभय सिंह चौटाला टीम की ताजपोशी होने के साथ ही इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के बीस से 25 करोड़ के बैंक एकाउंट को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। पूर्व सेक्रेटरी जनरल रंधीर सिंह ने आईओए के खाताधारक दो बैंकों को आईओसी केप्रतिबंध की चिट्ठी सौंपते हुए कहा है कि वह अभी भी संघ के सेक्रेटरी जनरल हैं।
वहीं चौटाला ग्रुप ने पूर्व अध्यक्ष विजय मल्होत्रा को बैंक अकाउंट संचालित करने की शक्तियां देने को कहा है। दूसरी ओर चुनाव के बाद अभय चौटाला की ओर से दी गई पार्टी में आईओए के पूर्व अध्यक्ष व इस चुनाव में चौटाला को बैक डोर से समर्थन करने वाले सुरेश कलमाडी भी शामिल हुए।
आईओए के इंडियन व आंध्रा बैंक में दो अकाउंट हैं। इन्हें संचालित करने की शक्तियां अब तक मल्होत्रा व रंधीर केपास थी। नियमानुसार नई टीम केआईओए पर काबिज होने के बाद मल्होत्रा व रंधीर को हस्ताक्षर कर यह शक्तियां चौटाला को सौंपनी है लेकिन रंधीर सिंह का कहना है कि आईओसी ने आईओए को प्रतिबंधित कर दिया है, साथ ही चुनाव को भी मान्यता नहीं दी है ऐसे में पुरानी टीम ही आईओए पर कार्य करने का अधिकार रखती है।
वहीं आईओसी एडहोक कमेटी का गठन नहीं करते हुए पुरानी टीम को आईओए का संचालन करने को कह सकती है। इसके चलते वह बैंक अकाउंट खुद भी संचालित कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने दोनों बैंकों को आईओसी के प्रतिबंध की कॉपी सौंप दी है। वहीं आईओए के नए ट्रेजरार एन रामाचंद्रन ने कहा कि बैंक अकाउंट वही संचालित करेंगे।
मल्होत्रा की ओर से नई टीम को शक्तियां दे दी जाएंगी जबकि रंधीर सिंह बिल्कुल बेबुनियाद बातें कर रहे हैं। इस दौरान आईओसी के प्रतिबंध से निपटने के लिए चौटाला ने खेल मंत्रालय से बात करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को चौटला व उनकी टीम खेल सचिव पीकेदेव से मुलाकात कर इस मामले में आईओसी से बात करने को कहेगी।