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Asian Wrestling Trials : 15 भार वर्गों में आठ हरियाणा के पहलवान चयनित, ट्रायल का आज अंतिम दिन

Sat, 20 May 2023 12:14 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/सोनीपत

सार

अंडर-23 पुरुष फ्रीस्टाइल में अभिमन्यु (दिल्ली, 70), यश (दिल्ली, 74), सागर जगलान (हरियाणा, 79), ग्रीको रोमन में विनायक पाटिल (महाराष्ट्र, 67), अंकित गुलिया (हरियाणा, 72), विकास (हरियाणा, 77) और लड़कियों में रजनी (दिल्ली, 57), निकिता (दिल्ली, 62), भटेरी (हरियाणा, 65भार वर्ग) का चयन हुआ।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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एशियाई अंडर-17 और अंडर-23 कुश्ती चैंपियनशिप के लिए आईओए तदर्थ समिति की ओर से एनआईएस पटियाला और साई सेंटर सोनीपत में कराए जा रहे ट्रायल के तीसरे दिन हरियाणा के पहलवानों ने दबदबा जारी रखा। 15 में से आठ भार वर्गों में हरियाणा के पहलवानों ने भारतीय टीम में जगह बनाई। शनिवार को ट्रायल का अंतिम दिन होगा।
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तदर्थ समिति के सदस्य भूपेंदर सिंह बाजवा और ओलंपियन निशानेबाज सुमा शिरूर की अगुवाई में कराए जा रहे ट्रायल के अंडर-17 फ्रीस्टाइल वर्ग में सौरभ (हरियाणा, 65), सौरभ यादव (यूपी, 80), ग्रीको रोमन में सचिन कुमार (हरियाणा, 65), अमन (हरियाणा, 80), लड़कियों में नेहा (हरियाणा, 57), शिक्षा (दिल्ली, 65) का चयन हुआ। अंडर-23 पुरुष फ्रीस्टाइल में अभिमन्यु (दिल्ली, 70), यश (दिल्ली, 74), सागर जगलान (हरियाणा, 79), ग्रीको रोमन में विनायक पाटिल (महाराष्ट्र, 67), अंकित गुलिया (हरियाणा, 72), विकास (हरियाणा, 77) और लड़कियों में रजनी (दिल्ली, 57), निकिता (दिल्ली, 62), भटेरी (हरियाणा, 65भार वर्ग) का चयन हुआ।

पदक 15 रुपये के नहीं ये हमारी 15 साल की मेहनत हैं: बजरंग
यौन उत्पीडऩ के आरोपों में घिरे भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की ओर से पदक की कीमत 15 रुपये बताए जाने पर धरना दे रहे पहलवान बजरंग और साक्षी मलिक ने कहा इसकी कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती है। यह हमारी 15 साल की मेहनत का नतीजा है। बृजभूषण ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर पहलवानों को लौटाना ही है तो पदक के साथ मिली करोड़ों रुपये की इनामी राशि लौटाएं।
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पदक की कीमत तो सिर्फ 15 रुपये है उससे क्या होगा। इस पर बजरंग ने कहा कि ये पदक हम देश के लिए अपना खून-पसीना बहाकर लाए हैं। ये हमारी 15 साल की मेहनत का नतीजा हैं। साक्षी ने कहा कि गुड्डे-गुडिय़ा की खेलने की उम्र से उन्होंने अखाड़े की मिट्टी को अपना दोस्त बनाया है। जिस पदक को 15 रुपये का बताया जा रहा है। उस पर हमने अपना सब कुछ कुर्बान किया है। इस पदक की कोई कीमत नहीं है।
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