फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एशियाड में 7 दिन शेष: 1951 में भारत ने दिया था पहले मिनी ओलंपिक का तोहफा, पहली बार दिल्ली में जुटा पूरा एशिया

Sat, 12 Sep 2026 09:20 AM IST
शिवम गर्ग कुलदीप पंवार, नई दिल्ली

सार

1951 में आजादी के महज चार साल बाद भारत ने दिल्ली में पहले एशियाई खेलों की मेजबानी की थी। 11 देशों के 489 खिलाड़ी इसमें उतरे और भारत 15 स्वर्ण समेत 51 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। आखिर कैसे बना यह आयोजन ऐतिहासिक? आइए, जानते हैं...
विज्ञापन
एशियाई खेल - फोटो : Amar Ujala Graphics
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत को 15 अगस्त, 1947 को सदियों की गुलामी से आजादी मिली थी। देश बंटवारे के दंश से उबरते हुए पुर्ननिर्माण की तरफ बढ़ रहा था। ऐसे में आजादी के महज 4 साल बाद भारत ने पूरे एशिया को उसके पहले ‘मिनी ओलंपिक खेलों’ का तोहफा दिया। साल 1951 में दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में 4 से 11 मार्च तक 11 देशों के 489 एथलीटों ने पहले एशियाई खेलों में शिरकत की, जिनमें 8 खेलों की 57 स्पर्धाओं के लिए मुकाबला हुआ। देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के इशारे पर समारोह में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की मौजूदगी में पुराने किले से 31 तोपों की सलामी के साथ एशियाड का उद्घाटन हुआ। इसके साथ ही भारत को खेल जगत के नक्शे पर एक नई पहचान मिली, जो आज तक कायम है। 

विज्ञापन
Trending Videos

दूसरे स्थान पर रहा भारत
नंबर देश स्वर्ण रजत कांस्य कुल
01 जापान 24 21 15 60
02 भारत 15 16 20 51
 
  • 02 नंबर पर पदक तालिका में भारत इसके बाद कभी नहीं आया।
विज्ञापन

क्रिकेट ने दिया साथ...
एशियाड के आयोजन का खर्च जुटाने के लिए नेशनल स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया ने 1 लाख रुपये का कर्ज दिया, जबकि क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया ने भी मोटी रकम की सहायता दी।

‘विदेशी’ ने जीते भारत के लिए दो स्वर्ण
भारत के लिए एशियाई खेलों में दो स्वर्ण जीतने वाले लावी पिंटो का जन्म 23 अक्टूबर, 1929 को केन्या के नैरोबी में हुआ, जहां से वह बॉम्बे (अब मुंबई) पढ़ने के लिए आए थे।
आजादी से पहले भारत ने ही रखी थी नींव... इन खेलों की नींव आजादी से भी पहले ही मार्च 1947 में दिल्ली में एशियाई संबंध सम्मेलन में भारत ने रखी थी। आईओसी सदस्य प्रो. जीडी सोंधी के एशियाई देशों के खेल महासंघ के ओलंपिक के आयोजन के प्रस्ताव पर 25 देश सहमत हुए।

क्या आप जानते हैं?
1951 में भारतीय फुटबॉल टीम ने जूते नहीं होने के चलते नंगे पैर एशियाड खेला और रोमाचंक फाइनल में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। 

संसाधन ही नहीं थे
बिगड़ी अर्थव्यवस्था में निर्माण के लिए सीमेंट तक नहीं था। एशियाई देशों को 1949 में फरवरी 1950 में आयोजन के निमंत्रण भेजे गए। फरवरी से इसे पहले नवंबर, 1950 और फिर मार्च, 1951तक टालना पड़ा था।

सचिन थे पहले स्वर्ण विजेता
  • 02 स्वर्ण 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में लावी पिंटो ने जीते।
  • 800  मीटर दौड़ में भी रणजीत सिंह के नाम स्वर्ण पदक आया।
  • 100 मी. फ्रीस्टाइल तैराकी में वाराणसी के सचिन नाग जीते जो एशियाड में भारत का सबसे पहला स्वर्ण था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें