एशियाई खेलों से पहले भारतीय घुड़सवारी टीम मुश्किल में फंस गई है। एशियाई खेलों के दल में शामिल घुड़सवार आहान कुमार का घोड़ा इटली में अनिवार्य बीमारी के टेस्ट में फेल हो गया है। पायरोप्लाजमोसिस नाम के इस टेस्ट में फेल होने पर आहान का घोड़ा एशियाई खेलों में शिरकत नहीं कर सकता है जिसके चलते आहान के एशियाड में खेलने पर तलवार लटक गई है।
भारतीय घुड़सवार इस वक्त एशियाई खेलों के लिए यूरोपी में तैयारियां कर रहे हैं। चार से 14 सितंबर आठ सदस्यीय भारतीय टीम को आखन (जर्मनी) में एकत्र होना है। यहां भारतीय दल के घोड़े कोरेंटाइन में भेजे जाएंगे। कोरेंटाइन से पहले आहान के घोड़े का फिर से पायरोप्लाजमोसिस टेस्ट होगा। इस बार भी टेस्ट में फेल होने पर यह तय हो जाएगा कि आहान एशियाई खेलों में शिरकत नहीं कर पाएंगे। हांगझोउ एशियाड में भारत ने ड्रेसाज का स्वर्ण जीता था।
ठीक होने में लगता है लंबा वक्त
ओलंपिक और एशियाई खेलों से पहले घोड़ों का डोप टेस्ट भी होता है और उनका पायरोप्लाजमोसिस टेस्ट कराया जाता है। यह बीमारी टिक्स के जरिये घोड़ों में फैलती है और इससे तेज बुखार आता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इसे ठीक होने में लंबा समय लगता है। यही कारण है कि आहान का एशियाड में खेलना मुश्किल है। अगर आहान नहीं खेलते हैं तो रिजर्व में शामिल घुड़सवार प्रदीप को शामिल किया जा सकता है, लेकिन बताया जाता है कि वह भी अपने घोड़े से लंबे समय से दूर हैं। एशियाड के लिए 12 सदस्यीय घुड़सवारी टीम घोषित की गई थी, लेकिन साई ने अपनी समीक्षा में चार सदस्यीय शो जंपिग टीम हटा दी। अब एशियाड में चार को इवेंटिंग में चार घुड़सवारों को ड्रेसाज में शिरकत करनी है।
रिजर्व घुड़सवार पर होना है फैसला
सूत्र बताते हैं कि आहान इटली में ही अपने घोड़े का फिर से टेस्ट कराने जा रहे हैं। भारतीय घुड़सवारी महासंघ की एडहॉक कमेटी के सदस्य संदीप दीवान अमर उजाला से स्वीकार करते हैं कि आहान का घोड़ा मंगलवार को टेस्ट में फेल हुआ है। अभी यह तय नहीं किया गया है कि रिजर्व घुड़सवार एशियाड में जाएगा या नहीं, लेकिन घोड़े को चार सितंबर से पहले हर हाल में निगेटिव आना होगा। उसके बाद ही रिजर्व घुड़सवार पर फैसला होगा।