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खेलो इंडिया डायलॉग: 'जो खेलेगा वो खिलेगा', युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी; ओलंपिक भागीदारी बढ़ाने पर दिया जोर

Thu, 27 Aug 2026 11:38 AM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को खेलो इंडिया डायलॉग के तहत वर्चुअली युवा एथलीटों से संवाद किया। इस दौरान पीएम ने खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है।
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खेलो इंडिया डायलॉग में पीएम मोदी - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'खेलो इंडिया डायलॉग - खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ' के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम ने साथ ही सभी को राष्ट्रीय खेल दिवस की बधाई भी दी। 
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यह इवेंट राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के मौके पर 1,500 से ज्यादा शिक्षण संस्थानों में वर्चुअली आयोजित किया गया। आईआईटी, आईआईएम, एम्स, जाने-माने मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले संस्थान हैं। यह पहल चार बड़े क्षेत्रों पर फोकस कर रही है, जमीनी स्तर पर खेल संरचना को मजबूत करना, कोचिंग और प्रतियोगी मौके, 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें विकसित करना, गवर्नेंस और नेतृत्व में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना और युवाओं को भविष्य के लिए तैयार स्किल्स, वॉलंटियरिंग के मौके और देश बनाने के रास्ते देना। 

ओलंपिक में भागीदारी बढ़ाने पर दिया जोर
पीएम ने युवा एथलीटों को संबोधित करते हुए कहा, 2036 ओलंपिक के लिए खिलाड़ी तैयार करने हैं। खिलाड़ियों की पहचान के लिए टैलेंट हब कार्यक्रम चलाना है। इसमें हर खेल में पदक आएं उसके लिए भारत को खेलों में महारत हासिल करनी होगी। मेडल टैली बढ़ाने के लिए हर खेल में आगे बढ़ना जरूरी। पांच से 15 साल के खिलाड़ियों की पहचान करनी होगी। खेल के लिए जो भी मदद चाहिए, सरकार उसमें समर्थन देगी। ओलंपिक में भागीदारी बढ़ाने पर जोर देना होगा। इसके लिए सरकार खिलाड़ियों को हर संभव मदद देगी।

सरकार की तरफ से दी जाएगी ट्रेनिंग
पीएम मोदी ने कहा, खेल को लेकर समाज का नजरिया बदला है। अच्छी खिलाड़ी बनने के लिए नशे से दूर रहना जरूरी है। मुझे भारत के युवाओं पर पूरा भरोसा है। कौन सा बच्चा किस खेल के लिए फिट है उसे पहचानें। स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार की ओर से युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की थी जिससे कि ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाई जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा, इस 15 अगस्त को मैंने लाल किले की प्राचीर से देश के लिए भारत के खेल संबंधी दृष्टिकोण को सामने रखा। यह विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल शक्ति और युवा शक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है।
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'ड्रग की समस्या से निपटने में खेलों की भूमिका'
पीएम मोदी ने कहा, जब हम 2036 ओलंपिक की बात करते हैं तो हमें अभी से खिलाड़ियों को तैयार करना होगा। कड़वी सच्चाई यह है कि अतीत में हमने ओलंपिक में शामिल होने वाली आधी प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा नहीं लिया। जब मैं खेलों की बात करता हूं तो मेरा आशय केवल पदक जीतने से नहीं है। हमारे पैरा खिलाड़ी इस बात की मिसाल हैं कि खेल किस तरह जीवन बदल सकता है, मैं उनसे प्रेरित महसूस करता हूं। ड्रग की समस्या से निपटने में खेलों की बड़ी भूमिका है।
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