पंजाब के मंडीगोबिंदगढ़ के रहने वाले अर्जुन के पिता संदीप सिंह चीमा को संतोष हैं कि उनके बेटे का निशानेबाजी को अपनाने का फैसला रंग लाया। संदीप बताते हैं कि तैराकी और सनावर स्कूल को छुड़ाने का फैसला कठिन था। उन्हें वापस मंडीगोबिंदगढ़ लाकर जिंदल स्कूल में दाखिला कराया गया। यहां से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
फरीदाबाद के नरवाल भाईयों केलिए बृहस्तिवार दोहरी खुशी वाला दिन रहा। एक ओर छोटे भाई शिवा ने एशियाड में 10 मीटर एयर पिस्टल का टीम स्वर्ण जीता तो दूसरी ओर बड़े भाई मनीष नरवाल ने लीमा (पेरू) में विश्व पैरा शूटिंग चैपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण और टीम का रजत जीता। उन्होंने इस प्रदर्शन के साथ पेरिस पैरालंपिक का कोटा भी हासिल कर लिया। मनीष टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता हैं। उन्हीं को देखकर उनके छोटे भाई शिवा और छोटी बहन शिखा नरवाल ने निशानेबाजी शुरू की। तीनों भाई-बहन भारतीय टीम में जगह बना चुके हैं।