स्पोर्ट्स अथारिटी आफ इंडिया यानी साई में महिला को प्रताड़ित किए जाने का एक और मामला सामने आया है।
लेकिन इस बार पीड़ित कोई कोच या कर्मचारी नहीं बल्कि अर्जुन अवार्डी व एशियाई खेलों की पदक विजेता एथलीट है।
बीजिंग ओलंपिक में खेलने वाली मध्यम लंबी दूरी की धावक सिनिमोल पाउलस बंगलूरू में चल रहे नेशनल कैंप में बाहरी लोगों पर गोल्फ खेलने के दौरान उन्हें प्रताड़ित करने के साथ पिटाई की कोशिश का आरोप लगाया है।
मामले की गंभीरता को समझ साई के महानिदेशक ने विजिलेंस जांच बिठा दी है।
यह अपनी तरह का अनोखा मामला है। सिनिमोल ने जिन पर लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है वे हैं तो बाहरी लेकिन उनका नाम हाईप्रोफाइल लोगों में शुमार है।
सिनिमोल ने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से मामले की शिकायत पुलिस को करने की धमकी दी है।
उन्होंने शिकायत में कहा है कि साई सेंटर में एथलेटिक ट्रैक के नजदीक ही गोल्फ कोर्स है जहां कुछ लोग मजे के लिए गोल्फ खेलने आते हैं। इनकी वजह से उन्हें ही नहीं बल्कि दूसरे एथलीटों को ट्रेनिंग में परेशानी होती है।
जब उन्होंने इस बारे में इन गोल्फरों से बात की तो उन्होंने न सिर्फ उन्हें प्रताड़ित किया बल्कि उन्हें पीटने की कोशिश की। यही नहीं यह घटना साई के एक एथलेटिक कोच के समक्ष घटित हुई बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इससे पहले उनकी ओर से साई सेंटर के क्षेत्रीय निदेशक को कई बार गोल्फरों को खेलने से रोकने के लिए कहा गया। कई एथलीट गोल्फ बॉल से घायल होते बचे। लेकिन उन्हें खेलने से नहीं रोका गया।
शिकायत की पुष्टि
साई के महानिदेशक जीजि थामसन ने इस बारे में शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने खुद इस पर पूछताछ की है। आरोपों की छानबीन के लिए उन्होंने विजिलेंस विभाग को जांच करने के लिए कहा है।