अब तक खिलाड़ी फिक्सिंग और डोपिंग को लेकर बदनाम होते रहे हैं। लेकिन इस बार ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बारे में खुलकर कभी कोई बात सामने नहीं आई।
आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (एएसआई) पुणे में चल रहे नेशनल कैंप में एक पुरुष तीरंदाज को साथी महिला के कमरे से आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया है।
एएसआई ने दोनों को अनुशासन भंग करने के आरोप में तुरंत कैंप से निकाल दिया है। तीरंदाजी संघ के कोषाध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह शर्मनाक है।
एएसआई की शिकायत पर भारतीय तीरंदाजी संघ ने उनके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही मामले को अनुशासन कमेटी के पास भेज दोनों से सात दिनों के अंदर जवाब मांगा है।
हालांकि दोनों ने लिखित गलती मान ली है। सूत्रों के मुताबिक तीन जून को तड़के करीब तीन बजे एएसआई के अधिकारियों ने महिला तीरंदाज के कमरे से दोनों को बेहद आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा।
झारखंड से संबंधित दोनों तीरंदाज लंबे समय से नेशनल कैंप में हैं। महिला तीरंदाज हाल ही में एशियाई टीम की ओर से तुर्की में कॉनकेस कप में गोल्ड जीत चुकी है। वह जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में चौथे स्थान पर रही थी।
जबकि पुरुष तीरंदाज भी कई बड़े टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है।
एएसआई में महिलाओं के लिए अलग हॉस्टल नहीं है और कैंपस में अलग फ्लोर पर महिलाओं के लिए व्यवस्था की गई है।
बीते दिनों असम की तीरंदाज प्रतिमा बोरो के आत्महत्या करने के बाद प्रशासन ने रात में चेकिंग अभियान चला रखा है। लंदन ओलंपिक खेल चुके कई तीरंदाजों को इस मामले में गवाह बनाया गया है।