दोहा में चीन, थाईलैंड जैसे पॉवरहाउस की मौजूदगी में भारतीय बर पहली बार एशियाई यूथ चैंपियन बने हैं। हैरान नहीं होईएगा सिर्फ सौ रुपये प्रतिदिन के फूड सप्लीमेंट के दम पर इन लिफ्टरों ने यह सफलता हासिल की है।
इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन की सिफारिश पर साई की ओर से दो बार खेल मंत्रालय को फूड सप्लीमेंट की राशि सौ से ढाई सौ रुपये की जाने की सिफारिश की जा चुकी है। लेकिन मंत्रालय ने आश्वासन के बावजूद कोई निर्णय नहीं लिया है।
10 गोल्ड मेडल समेत कुल 27 पदक जीतने वाले इन लिफ्टरों का कारनामा कितना बड़ा है कि खुद साई के महानिदेशक जीजि थामसन ने इन्हें अपने दफ्तर में बुलाकर सम्मानित किया। थामसन ने कहा भी कि लिफ्टरों की फूड सप्लीमेंट बढ़ाने की डिमांड जल्द पूरी की जाएगी।
फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल सहदेव यादव ने बताया कि पॉवर गेम होने के नाते उन्होंने साई से लंदन ओलंपिक के बाद ही जूनियर लिफ्टरों के फूड सप्लीमेंट की राशि ढाई सौ रुपये करने का प्रस्ताव दिया था। साई के डीजी ने इसे मंजूरी भी दे दी। लेकिन अब तक मंत्रालय से यह प्रस्ताव मंजूर होकर नहीं लौटा है।
इस चैंपियनशिप में जैमजंग डोरू, अक्षय गायकवाड़, सांबो लापुंग, आरवी राहुल व चंद्रिका तरफदार ने गोल्ड मेडल जीत देश को पहली बार एशियाई यूथ चैंपियन बनाया।