भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह का शानदार प्रदर्शन जारी है। दुनिया की 15वें नंबर की खिलाड़ी अनाहत ने सिलिकॉन वैली ओपन में मिस्र की छठी वरीय और वर्ल्ड नंबर-14 सलमा हानी को पांच गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में हराकर पहली बार पीएसए गोल्ड स्तर के टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। 18 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने क्वार्टर फाइनल में 2-1 से पिछड़ने के बाद दमदार वापसी की और 42 मिनट में 4-11, 11-8, 4-11, 11-2, 11-5 से जीत दर्ज की। यह मुकाबला 42 मिनट में खत्म हुआ।
अनाहत
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दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी को भी दी थी मात
अनाहत ने क्वार्टर फाइनल से एक दिन पहले मिस्र की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी और आठ बार की विश्व चैंपियन नूर एलशेरबिनी को सीधे गेमों में हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इसके बाद उन्होंने दुनिया की 14वें नंबर की खिलाड़ी हानी के खिलाफ भी अपना दम दिखाया।
हानी के खिलाफ मुकाबले में अनाहत ने पहला गेम 4-11 से गंवाया, लेकिन दूसरा गेम 11-8 से जीतकर बराबरी की। तीसरे गेम में उन्हें 4-11 से हार मिली और वह मुकाबले में 1-2 से पिछड़ गईं। हालांकि, इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने शानदार खेल दिखाया। उन्होंने चौथा गेम 11-2 और निर्णायक पांचवां गेम 11-5 से जीतकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया।
अनाहत सिंह
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'मैं इस लय को गंवाना नहीं चाहती थी'
जीत के बाद अनाहत ने कहा, 'मैंने पहले कभी उनके खिलाफ नहीं खेला था और कोर्ट पर उतरते समय मुझे नहीं पता था कि क्या उम्मीद करनी चाहिए। मैंने उन्हें कई बार खेलते हुए देखा है और वह पीएसए टूर की बेहद अनुभवी खिलाड़ी हैं। कल एलशेरबिनी के खिलाफ जीत के बाद मुझे पता था कि अगर मैं अच्छा खेलती हूं तो मेरे पास किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ जीतने का मौका है। मैं इसी सोच के साथ कोर्ट पर उतरना चाहती थी।' अनाहत ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले दिन की जीत के बाद भावनात्मक उतार-चढ़ाव के कारण वह थोड़ी थकी हुई थीं। उन्होंने कहा, 'मैं आज इस लय को गंवाना नहीं चाहती थी। मैं अपना पूरा दम लगाना चाहती थी और खुश हूं कि टूर्नामेंट में एक कदम और आगे बढ़ गई।'
अनाहत सिंह
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अब मलयेशिया की दिग्गज खिलाड़ी से मुकाबला
सेमीफाइनल में अनाहत का सामना मलयेशिया की दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी और मौजूदा एशियाई खेल चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम से होगा। शिवसंगरी ने एशियाई खेलों के महिला एकल फाइनल में अनाहत को हराया था। अब वह यहां सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर उस हार का बदला लेने के इरादे से उतरेंगी। स्क्वैश लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पहली बार शामिल होने जा रहा है।
अनाहत सिंह
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अनाहत 2026 विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में लड़कियों का एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनी थीं। उन्होंने मिस्र के 15 साल के दबदबे को भी समाप्त किया था। इससे पहले 2023 एशियाई खेलों में उन्होंने महिला टीम और मिश्रित युगल स्पर्धाओं में दो कांस्य पदक जीते थे। हाल ही में संपन्न 2026 एशियाई खेलों में महिला एकल का रजत पदक जीतकर वह इस स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। अब सिलिकॉन वैली ओपन में उनकी नजरें पहली बार गोल्ड स्तर के टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने पर होंगी।
पीएसए गोल्ड स्तर के टूर्नामेंट में दुनिया के शीर्ष 10 और शीर्ष 20 खिलाड़ियों की भागीदारी होती है। इनमें खिलाड़ियों को अधिक रैंकिंग अंक मिलते हैं, जो बड़े टूर्नामेंटों के फाइनल में जगह बनाने के लिए मददगार होते हैं। इन प्रतियोगिताओं में कम से कम एक लाख अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि होती है। सिलिकॉन वैली ओपन की कुल इनामी राशि 1,43,500 अमेरिकी डॉलर है।