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एशियन पैरा गेम्स: नितेश और नवीन ने बैडमिंटन में जीते स्वर्ण, प्रमोद-थुलासिमति और नित्या को रजत

Fri, 23 Oct 2026 09:23 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया

सार

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल एसएल3 और एसएल4 स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। नितेश ने फाइनल में प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराया, जबकि नवीन ने फ्रेडी सेटियावान को मात दी। प्रमोद, थुलासिमति मुरुगेसन और नित्या सुमति सिवन ने रजत पदक जीते।
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एशियन पैरा गेम्स - फोटो : Twitter
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विस्तार
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एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन किया। नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल की एसएल3 और एसएल4 स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। नितेश ने फाइनल में हमवतन प्रमोद भगत को हराया, जबकि नवीन ने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेटियावान को मात दी। वहीं, प्रमोद भगत, थुलासिमति मुरुगेसन और नित्या श्री सुमति सिवन को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
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नितेश और प्रमोद - फोटो : Twitter
नितेश ने प्रमोद को हराकर जीता स्वर्ण
भारत के नितेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल3 स्पर्धा के फाइनल में हमवतन प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दो पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं के बीच हुए इस मुकाबले में नितेश ने लगातार दो गेम जीतकर खिताब हासिल किया। पेरिस पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नितेश ने कहा, 'एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतकर बहुत खुश हूं। पिछली बार मैं करीब था। तीसरे गेम में 19-16 से आगे होने के बावजूद हार गया था। इस बार प्रमोद के खिलाफ दो गेम में जीत हासिल करना मेरे लिए बेहद खास है।' प्रमोद भगत, जिन्होंने 2018 और 2022 के संस्करणों में स्वर्ण पदक जीते थे, इस बार रजत पदक तक सीमित रहे।

लगातार तीसरे स्वर्ण से चूके प्रमोद
प्रमोद भगत ने लगातार तीसरा एशियन गेम्स स्वर्ण जीतने का लक्ष्य रखा था, लेकिन फाइनल में उन्हें नितेश के खिलाफ हार मिली। टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता प्रमोद ने कहा, 'यह परिणाम मुझे बहुत अच्छा नहीं लग रहा है, क्योंकि मैंने एशियन गेम्स में लगातार दो स्वर्ण पदक जीते थे और यहां तीसरा स्वर्ण जीतने की कोशिश कर रहा था। मेरे पास सब कुछ था, लेकिन आज मेरे कुछ शॉट गलत हो गए और फैसले लेने में भी थोड़ी चूक हुई। इसलिए मुझे रजत से संतोष करना पड़ रहा है।'

नवीन - फोटो : Twitter
नवीन शिवकुमार ने भी जीता स्वर्ण
भारत के नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल एसएल4 स्पर्धा के फाइनल में इंडोनेशिया के फ्रेडी सेटियावान को 21-9, 21-17 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। 36 मिनट तक चले मुकाबले में नवीन ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और सीधे गेम में जीत दर्ज की। इस तरह भारत ने पुरुष एकल की दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

नित्या सुमति को महिला एकल में रजत
भारत की नित्या श्री सुमति सिवन को महिला एकल एसएच6 स्पर्धा के फाइनल में चीन की ली फेंगमेई के खिलाफ 12-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा। चीनी खिलाड़ी ने दोनों गेम में बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। नित्या को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
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थुलासिमति मुरुगेसन भी स्वर्ण से चूकीं
पेरिस पैरालंपिक की रजत पदक विजेता थुलासिमति मुरुगेसन को महिला एकल एसयू5 स्पर्धा के फाइनल में चीन की यांग क्यूशिया ने 21-18, 21-11 से हराया। थुलासिमति को रजत पदक मिला। हालांकि, भारतीय खिलाड़ी के पास अभी दो और स्वर्ण पदक जीतने का मौका है। वह मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 फाइनल में नितेश कुमार के साथ इंडोनेशिया की लेआनी रत्री ओक्टिला और हिकमत रामदानी की जोड़ी से भिड़ेंगी। इसके बाद महिला युगल एसएल3-एसयू5 फाइनल में वह मानसी गिरिशचंद्र जोशी के साथ चीन की यांग क्यूशिया और शियाओ जूशियान की जोड़ी का सामना करेंगी।

पैरा बैडमिंटन की श्रेणियां क्या हैं?
एसएल3 श्रेणी में निचले अंगों में गंभीर दिव्यांगता वाले खिलाड़ी आधे कोर्ट पर खेलते हैं। एसएल4 श्रेणी में निचले अंगों से जुड़ी दिव्यांगता वाले ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं, जिनका चलने और दौड़ने में संतुलन अपेक्षाकृत बेहतर होता है। एसयू5 श्रेणी ऊपरी अंगों में दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों के लिए है, जबकि एसएच6 श्रेणी छोटे कद वाले खिलाड़ियों के लिए निर्धारित है।
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