पहलवान अमित कुमार अपने मेंटर सुशील कुमार की कामयाबी के इतिहास को दोहराना चाहते थे पर वह फाइनल में भी पहुंच कर अपना सपना पूरा नहीं कर पाए।
एशियाई चैंपियन अमित शानदार प्रदर्शन करते हुए बुडापेस्ट (हंगरी) में खेली गई वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप के 55 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल में पहुंच गए थे, लेकिन स्वर्ण पदक के लिए हुए मुकाबले में ईरान के हसन फरमान राहिमी से 1-2 से हार गए।
20 वर्षीय अमित ने 2010 में सुशील कुमार के स्वर्ण पदक जीतने के बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान है।
साथ ही इस चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले भारत के तीसरे पुरुष पहलवान बन गए हैं। अमित से पहले सुशील कुमार और रमेश कुमार ने पदक जीते हैं।
पहलवान अमित को पहले दौर में बाई मिली थी और उन्होंने दूसरे दौर में जापान के इनाबा यासुहीरो को एकतरफा अंदाज में 10-2 से पराजित किया।
दुनिया में सातवें नंबर के पहलवान अमित ने फिर प्री-क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के पहलवान जोहेर अल ओवारेक को 8-0 से धो डाला। इसके बाद जीत की लय को कायम रखते हुए सोनीपत के इस पहलवान ने क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के एलिस्मो एस्कोबेडो को 6-0 से धूल चटाकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।
अमित ने अपनी इस सनसनी को सेमीफाइनल में भी जारी रखा और यहां तुर्की के सीजर अक्गुल को पहले ही राउंड में 7-0 से चित कर फाइनल में पहुंच गए।
मुकाबले में नहीं उतरे सुशील
चैंपियनशिप के पहले दिन अमित के अलावा दो अन्य भारतीय पहलवान अरुण कुमार (66 किग्रा) और सत्यव्रत कादियान (96 किग्रा) उतरे, लेकिन दोनों पहलवान पदक राउंड में नहीं पहुंच सके।
अरुण उस वर्ग में थे जिसमें सुशील कुमार ने 2010 में मास्को में स्वर्ण पदक जीता था। सुशील हालांकि चैंपियनशिप के लिए पहुंचे हैं लेकिन वह मुकाबले में नहीं उतरे।
इस वर्ग में उनके विकल्प रखे गए अरुण को उतारा गया जिन्हें पहले राउंड में बाई मिली थी लेकिन वह दूसरे राउंड में जार्जिया के लेवन केलेखसाश्विली से हार गए।
96 किग्रा वर्ग में कादियान ने दूसरे राउंड में श्रीलंका के गामिनी अच्चेलागे को पराजित किया लेकिन वह प्री-क्वार्टर फाइनल में मेडागास्कर के निकोलई सेबान से हार गए।
सेबान को क्वार्टर फाइनल में यूक्रेन के पहलवान से पराजय का मुंह देखना पड़ा जिससे कादियान की कांस्य पदक के लिए रेपचेज में खेलने की उम्मीदें टूट गई।