अपनी 75वीं सालगिरह से स्वर्णिम शताब्दी की ओर बढ़ रहा ‘अमर उजाला’ 26 और 27 फरवरी को लखनऊ में ‘संवाद : उत्तर प्रदेश’ का आयोजन कर रहा है। इस मौके पर देश के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियां आयोजन में शिरकत कर रही हैं। खेल जगत से भी इस आयोजन में कई सितारों का जमावड़ा लगेगा। भारत को ओलंपिक में बैडमिंटन में पहली बार पदक दिलाने वालीं साइना नेहवाल, उड़न परी और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगी। इस दौरान उनसे खेल से जुड़ी कई दिलचस्प घटनाओं पर चर्चा होगी।
आइए जानते हैं इन सितारों के बारे में...
16 साल की उम्र में पहली बार ओलंपिक का हिस्सा बनीं पीटी उषा
पीटी उषा
- फोटो : सोशल मीडिया
1980 में केवल 16 साल की उम्र में पीटी उषा ने मॉस्को में हुए ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में हिस्सा लिया था। चार साल बाद 1984 में वो किसी ओलंपिक खेल के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बन गई थीं। लेकिन, बस एक मामूली से फासले से उषा ओलंपिक का मेडल जीतने से चूक गई थीं। उन्होंने 1984 ओलंपिक खेलों में चौथा स्थान हासिल किया था।
ओलंपिक के बाद पीटी उषा के प्रदर्शन में गिरावट आई और लोगों ने उनकी आलोचना शुरू कर दी। हालांकि, उषा को खुद पर यकीन था। 1986 के सिओल एशियाई खेलों में उन्होंने चार गोल्ड मेडल जीते थे। 400 मीटर की बाधा दौड़, 400 मीटर की रेस, 200 मीटर और 4 गुणा 400 की रेस में उषा ने स्वर्ण पदक जीते। 100 मीटर की रेस में वो दूसरे नंबर पर रहीं। 1983 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड दिया गया था। 1985 में उन्हें देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उषा ने 1997 में अपने खेलों के करियर को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 103 अंतरराष्ट्रीय मेडल जीते हैं।
ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली शटलर हैं साइना नेहवाल
साइना नेहवाल
- फोटो : सोशल मीडिया
साइना नेहवाल ओलंपिक पदक जीतने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। इस स्टार शटलर ने अपने करियर की शुरुआत बहुत पहले ही कर दी थी। उन्होंने 2008 में BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीती थी। उसी साल उन्होंने पहली बार ओलंपिक के लिए क्वालिफाई भी किया था, लेकिन लंदन 2012 में उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से दुनिया भर में प्रसिद्धि हासिल की। उनके पति पी कश्यप भी बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुके हैं।
2008 में बीजिंग में आयोजित हुए ओलंपिक खेलों मे भी वह क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थीं। साइना भारत सरकार द्वारा पद्म श्री और खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं। इस पूर्व नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी ने अपने करियर में कई मेडल जीते। वह विश्व चैंपियनशिप में एक रजत और एक कांस्य, राष्ट्रमंडल खेलों में तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य और एशियाई खेलों में दो कांस्य जीत चुकी हैं।