इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (एआईबीए) जल्द दोबारा चुनाव नहीं कराए जाने की स्थिति में प्रतिबंधित भारतीय महासंघ के खिलाफ और अधिक कार्रवाई कर सकता है।
एआईबीए पर लगा अस्थाई प्रतिबंध हटाने के लिए दोबारा चुनाव कराना जरूरी है। इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) द्वारा इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन पर लगाए गए प्रतिबंध और सितंबर में हुए चुनाव में संभावित हेराफेरी के कारण आईएबीएफ को दोबारा चुनाव कराने को कहा गया है। साथ ही उससे अपने संविधान में संशोधन करके उसे आईएबीए के संविधान के मुताबिक करने को कहा गया है।
विश्व संस्था ने नवनिर्वाचित सदस्यों से बातचीत करने से भी इनकार करते अभय सिंह चौटाला की अध्यक्षता वाली पुराने सदस्यों के साथ ही बात करने की बात कही है। ऐसे में एआईबीए के रवैये को देखते हुए सितंबर में हुए चुनाव में नवनिर्वाचित चौटाला को अध्यक्ष का पद भार संभालना पड़ेगा और एआईबीए ने जो सुझाव दिए हैं उसकी शुरुआत करनी होगी। लेकिन, इस स्थिति में चौटाला का भारतीय ओलंपिक संघ का अध्यक्ष पद खटाई में पड़ सकता है क्योंकि आईएबीएफ में अपने पदक के कारण ही वह यह चुनाव लड़े थे।