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अपराधों से डरीं 68 विदेशी खिलाड़ी, यूपी आने से इंकार

Sat, 20 Apr 2013 02:45 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
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प्रदेश में कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होने के सरकार के दावे और साख को बड़ा झटका लगा है। राजधानी लखनऊ में शनिवार से शुरू हो रहे इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (आईटीएफ) वीमेन फ्यूचर टूर्नामेंट में भाग लेने से कई खिलाड़ियों ने इनकार कर दिया है।
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अब तक 102 खिलाड़ी नाम वापस ले चुकी हैं। इनमें 68 विदेशी खिलाड़ी हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि सूबे की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ठीक है। अगर किसी को असुरक्षा महसूस हो रही है तो उसे शासन सुरक्षा मुहैया कराने को तैयार है।

यूपी टेनिस एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष जेएस कौल ने कहा कि आईटीएफ वीमेन फ्यूचर टूर्नामेंट में भाग लेने आने वाली 102 खिलाड़ियों ने सुरक्षा कारणों से नाम वापस ले लिए हैं।
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कौल ने तर्क दिया कि प्रदेश में लगातार बलात्कार, हत्याएं और लूट की खबरों के चलते इन खिलाड़ियों ने आने से इनकार किया है। नाम वापस लेने वाली विदेशी खिलाड़ियों में ज्यादातर आस्ट्रेलिया, स्वीडन, फ्रांस, थाईलैंड, यूक्रेन, सर्बिया, रूस, चीन, जापान, ब्रिटेन, जर्मनी की खिलाड़ी हैं।

उन्होंने कहा, "कुछ देशों ने भी हिंदुस्तान को महिलाओं के लिए असुरक्षित बताते हुए न जाने की एडवाइजरी जारी की हुई है। कौल का कहना है कि भारत में महिला टेनिस धीरे-धीरे अलग पहचान बना रहा है, लेकिन अगर देश में महिलाओं के साथ अत्याचार इसी तरह बढ़ते रहे तो पाकिस्तान की तरह यहां भी कोई भी खेलने से डरेगा।

इतिहास में पहला मौका
जेएस कौल ने कहा देश के टेनिस इतिहास में यह पहला मौका है जब 32 खिलाड़ियों के मेन ड्रॉ में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या चार अथवा पांच है और सभी पांच शीर्ष वरीय खिलाड़ी भारत के हैं। लखनऊ में साल 2011 में हुई आईटीएफ फ्यूचर्स वीमेंस टेनिस की बात करें, जहां 32 में से 22 खिलाड़ी विदेशी थीं।

कुछ घटनाओं से प्रदेश का आकलन गलत
असुरक्षा की कोई बात नहीं है। कुछ घटनाओं से पूरे प्रदेश की स्थिति का आकलन नहीं कर सकते। अगर किसी को असुरक्षा महसूस हो रही है तो हम उसे सुरक्षा मुहैया कराने को तैयार हैं।
- आरके विश्वकर्मा, महानिरीक्षक कानून-व्यवस्था

देश की बिगड़ती सूरत जिम्मेदार
देश में कानून-व्यवस्था इस कदर बिगड़ चुकी है कि साल 2013 की आईटीएफ फ्यूचर्स टेनिस में जलवा बिखेरने वाली लगभग सभी बड़ी खिलाड़ियों ने नाम वापस ले लिया है। हैदराबाद, चेन्नई के बाद लखनऊ में भी कमोबेश यही हाल है।
- जेएस कौल, कोषाध्यक्ष, यूपी टेनिस एसोसिएशन

जर्मनी की नील्सन ने कहा, मुझे कोई डर नहीं

आईटीएफ फ्यूचर्स टेनिस में भाग लेने के लिए आई जर्मनी की ऐन क्रिस्टीन नील्सन बखौफ होकर कहती हैं, लखनऊ में मुझे कोई डर नहीं। भारत ही क्यों, दनिया के हर देश में महिलाओं के साथ अत्याचार होते हैं। इसका यह मतलब नहीं कि हम घर से निकलना ही छोड़ दें। कायदे से हमें ऐसे हालात से जूझने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए और आत्मरक्षा की ट्रेनिंग लेकर इन समस्याओं से निपटना चाहिए। लखनऊ में खेलने का सवाल है तो यहां मुझे किसी का डर नहीं है। उन्होंने मैं यहां क्वालीफाइंग राउंड में भाग लूंगी और पूरा दम लगाकर मेन ड्रॉ में पहुंचने की कोशिश करूंगी।

आईटीएफ फ्यूचर टेनिस
इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (आईटीएफ) विश्व भर में टेनिस की अलग-अलग श्रेणियों के टूर्नामेंट का आयोजन कराती है। भारत में अप्रैल माह में पहले हैदराबाद, चेन्नई और लखनऊ में चैंपियनशिप का आयोजन होना सुनिश्चित हुआ है। इसकी पुरस्कार राशि दस हजार यूएस डालर है। लखनऊ में 20 अप्रैल से क्वालीफाइंग राउंड के मैच खेलने जाएंगे और 22 से मुख्य ड्रॉ शुरू होगा। मुख्य ड्रॉ में अभी तक किसी विदेशी खिलाड़ी ने अपनी एंट्री नहीं भेजी है, जबकि क्वालीफायर्स में 3-4 से खिलाड़ियों की एंट्री आई है।

भाग लेने से इंकार करने वाली 68 विदेशी खिलाड़ियों में जापान से 11, चीन से नौ, जर्मनी से छह, ब्रिटेन व रूस से पांच, थाईलैंड से चार, इटली से तीन और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, उक्रेन, फ्रांस, हांगकांग से दो-दो खिलाड़ी ने भाग लेने से इंकार किया है। अन्य खिलाड़ियों में स्लोवाकिया, आस्ट्रिया, स्वीडन, क्रोएशिया, ताइपे, वियतनाम, सर्बिया, कजाकिस्तान, पुर्तगाल, साइप्रस, मलयेशिया, बुल्गारिया व स्विजटरलैंड से एक-एक खिलाड़ी शामिल हैं।
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