क्रिकेट के मैदान पर आखिर पुलिसवालों का काम क्या होता है? आपको जवाब होगा सुरक्षा देना। लेकिन अगर वह ही मैच खेलने लग जाएं तो क्या होगा।
इन दिनों देशभर में कई जगहों पर रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले खेले जा रहे हैं। लेकिन मैच के दूसरे दिन दो अलग-अलग जगहों पर दो पुलिसकर्मियों ने गेंदबाजी में कहर ढाया।
इन दो पुलिसकर्मियों में एक हरियाणा की टीम से खेलता है तो दूसरा महाराष्ट्र की टीम से जुड़ा है।
हम बात कर रहे हैं हरियाणा के तेज गेंदबाज जोगिंदर शर्मा और महाराष्ट्र के सचिन चौधरी की।
टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज रहे जोगिंदर शर्मा हरियाणा पुलिस में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं और अपनी राज्य क्रिकेट टीम की ओर से भी खेलते हैं। जबकि सचिन चौधरी महाराष्ट्र पुलिस में बतौर कांस्टेबल पद पर तैनात हैं।
सचिन को पुलिस की नौकरी आठ महीने पहले ही मिली है।
जोगिंदर शर्मा का 'पंजा'
जोगिंदर शर्मा ने मुंबई के खिलाफ रणजी मुकाबले के दूसरे दिन कहर बरपाते हुए मेहमान टीम को सस्ते में समेट दिया।
रोहतक के इस तेज गेंदबाज ने अपने ही घरेलू मैदान पर मुंबई की पहली पारी में 11 ओवर फेंके जिसमें उन्होंने पांच मेडन डाले। उन्होंने महज 16 देकर पांच विकेट झटक लिए।
यह जोगिंदर की ही गेंदबाजी का कमाल था कि मुंबई जैसी मजबूत टीम पहली पारी में महज 136 रन पर आउट हो गई।
सचिन चौधरी का 'चौका'
महाराष्ट्र के तेज गेंदबाज सचिन चौधरी ने त्रिपुरा के खिलाफ मुकाबले में पहली पारी में जोरदार गेंदबाजी की।
जलगांव में बतौर कांस्टेबल तैनात सचिन ने पुणे में त्रिपुरा के चार बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई।
खास बात है कि यह उनके करियर का महज दूसरा मैच है। उनके चार विकेटों के दम पर महाराष्ट्र ने त्रिपुरा की पारी 304 रनों पर समेट दिया। लंबे कद के इस गेंदबाज ने दो विकेट पहले दिन और दो विकेट दूसरे दिन हासिल किया था।