योग हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है, यह बताने की जरूरत नहीं। पर यह फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित मरीजों की जिंदगी को बेहतर बनाने का बेहद आसान और कम खर्चीला तरीका भी साबित हो सकता है।
ये नौकरियां हैं फेफड़े के लिए खतरनाक
एम्स के डॉक्टरों द्वारा किए गए अध्ययन में यह दावा किया गया है। इस अध्ययन को यहां आयोजित चेस्ट 2013 की बैठक में पेश किया गया।
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इसमें 12 हफ्तों की ट्रेनिंग के बाद क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पुलमोनेरी डिजीज (सीओपीडी) से पीड़ित मरीजों के फेफड़े और सांस संबंधी तकलीफों में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला। ऐसे मरीजों को अपने फेफड़ों से सांस बाहर निकालने में तकलीफ होती है, जिससे ताजी हवा शरीर के अंदर लेना मुश्किल हो जाता है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि वैसे तो सीओपीडी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों को नियंत्रित कर इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की जिंदगी को बेहतर बनाया जा सकता है। सिगरेट पीने की वजह से ज्यादातर लोग इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं और इसके लक्षण अक्सर 40 की उम्र में देखने को मिलते हैं।