घर में नए मेहमान की आहट से बड़ी खुशखबरी भला क्या होगी। लेकिन कई बार बदलती जीवनशैली की वजह से महिलाओं के लिए आज सामान्य और सेहतमंद तरीके से नन्हे मेहमान को दुनिया में लाना आसान नहीं होता।
ऐसे में डिलिवरी सेहतमंद तरीके से और सर्जरी की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए कुछ ऐसे योगासन हैं जिन्हें गर्भावस्था में करने से नॉर्मल डिलिवरी में आसानी होगी।
सहज पश्चिमोत्तानासन
इससे गर्भावस्था के दौरान रीढ़ की हड्डी मजबूत होगी और कमर दर्द कम होगा। इससे तनाव कम होगा और मांसपेशियां लचीली होंगी।
- पैर सीधे करके बैठ जाएं और पंजों में हल्की दूरी रखें।
- अब गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को उठाएं और सांसे छोड़ते हुए पंजों को धूने की कोशिश करें।
- अधिक स्ट्रेस न लें और सांस सामान्य कर लें।
- दस तक गिने और फिर सीधी अवस्था में आ जाएं।
- इसे अधिकतम तीन बार करें।
सहज वक्रासन
इस आसन से कमर की मांसपेशियां और रीढ़ की हड्डी मजबूत होंगी। इसके अलावा, यह आसन गर्भावस्था में शुगर के स्तर को सामान्य रखता है।
- पद्मासन, अर्द्ध पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं।
- कमर सीधी रखें और दाईं हथेली को बाएं घुटने पर रखते हुए गहरी सांस लें।
- फिर सांस छोड़ते हुए बाएं हाथ को कमर पर रखकर बाईं ओर मुड़ें।
- इस अवस्था में दस तक गिनती गिनें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं।
- अब इसे बाईं हथेली और दाएं घुटने से दोहराएं।
सुख भद्रासन
यह गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के यूटेरस की मांसपेशियों को लचीला बनाता है और कमर को मजबूत करता है।
- जमीन पर बैठकर दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं।
- अब पैरों को शरीर के नजदीक लाने की कोशिश करें।
- जितना स्ट्रेच कर सकते हैं करें पर शरीर पर अधिक जोर न दें।
- चाहें तो हाथों की सहायता भी तलवों को जोड़कर रख सकते हैं।
- अब हाथों को घुटनों पर रखें और गहरी सांस लें।
- सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।
इन आसनों को किसी प्रशिक्षक की देखरेख में और डॉक्टरी सलाह पर ही करें।