कई महिलाओं के लिए हर महीने के चार दिनों का मतलब पेट दर्द, एसिडिटी और चिड़चिड़ाहट ही होता है। मासिक चक्र के दौरान होने वाले दर्द से छुटकारा पाने के लिए जरूरी नहीं कि पेन किलर दवाएं ही ली जाएं, अगर इन योगासनों को महिलाएं अपने रुटीन का हिस्सा बनाएं तो यकीनन पीरियड्स के दर्द से आराम पाएंगी।
उन दिनों के दर्द से छुटकारे के लिए इन योगासनों को खुद भी ट्राई करें और दूसरों से भी शेयर करें।
सुप्त बद्ध कोणासन
- जमीन पर मैट बिछाएं और लेट जाएं। बैक पर सपोर्ट के लिए तकिये का इस्तेमाल करें।
- अब दोनों पंजों को मिलाएं और घुटनों को मोड़ लें।
- इसी अवस्था में दस मिनट तक गहरी सांस लें।
मंढूक आसन
- दोनों पंजों के बल नमाज पढ़ने की मुद्रा या वज्रासन में बैठें।
- अब धीरे-धीरे दोनों पैरों के बीच के गैप को बढ़ाएं और घुटने के बल नीचे की ओर मुड़ें।
- सपोर्ट के लिए तकिया भी ले सकते हैं।
- तीन से पांच मिनट तक इसी मुद्रा में श्वास लें।
सुप्त वीरासन
- घुटनों के बल बैठें, जिससे जांघें आगे की ओर हों और पंजे पीछे की दिशा में।
- अब पैरों पर ही लेटें, सपोर्ट के लिए कमर के नीचे तकिया लगा सकते हैं।
- इसी अवस्था में 10 से 20 बार गहरी सांस लें।
- फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं।
इन आसनों को पीरियड्स की डेट से एक हफ्ते पहले लगातार चार दिन जरूर करें, इससे पीरियड्स में दर्द नहीं होगा।