गलत खानपान, शारीरिक श्रम की कमी, तनाव आदि हमारी जीवनशैली में इस तरह घर कर गए हैं कि ये हमारे लिए तमाम तरह की बीमारियों की जड़ हैं। गैस्ट्रिक भी ऐसी समस्या है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए परेशानी का सबब बन गई है।
अगर आप सेहतमंद डाइट और योगासनों को जीवनशैली का हिस्सा बनाएंगे तो गैस्ट्रिक की समस्या आपसे कोसों दूर रहेगी। इस कड़ी में रोज सुबह पश्चिमोत्तानासन (जिसे हलासन भी कहते हैं) का अभ्यास आपको इस समस्या से छुटकारा दिलाने में काफी मददगार हो सकता है। बेहतर होगा कि आप किसी अनुभवी प्रशिक्षक के निरीक्षण में यह आसन करें।
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कैसे करें पश्चिमोत्तानासन
- दोनों पैरों को सीधा फैलाकर बैठ जाएं।
- कमर सीधी रखें और सांस खींचते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं।
- अब दोनों हाथों को नीचे की ओर लाते हुए झुकें और हाथों से पैरों के पंजे छूने की कोशिश करें।
- माथा घुटनों से छूना चाहिए लेकिन घुटने सीधे रखें।
- कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।
- रोज कम से कम 10 से 15 बार यह आसन जरूर करें।