दिन भर ऑफिस का का तनाव, खूब सारा काम और फिर जमकर तनाव। हमारे-आपके रुटीन में तनाव और दिन भर की थकान कुछ इस कदर हावी हो जाती है कि शाम के वक्त किसी दूसरे काम की इच्छा ही नहीं बचती। ऐसे में दिन भर की थकान को आप सिर्फ 10 मिनटों में छूमंतर कर सकते हैं, अगर आप रोज इन प्राणायाम का अभ्यास करें।
नाड़ी शोधन प्राणायाम
नाड़ी शोधन प्राणायाम की खासियत यह है कि इसे न सिर्फ आप रोज सुबह कर सकते हैं बल्कि शाम में या सोने से पहले यह प्राणायाम भी मिनटों में आपका तनाव कम करेगा और इससे आप तरोताजा महसूस करेंगे। इसे अनुलोम-विलोम प्राणायाम भी कहते हैं। इससे शरीर का रक्त संचार ठीक रहता है और अच्छी नीमद आती है।
इसे करने के लिए पहले सुखासन या पद्मासन में बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें। फिर अपना दाएं हाथ के अंगूठे से नाक के के दाएं छिद्र को बंद कर लें और बाएं छिद्र से भीतर की ओर सांस खीचें। अब बाएं छिद्र को अंगूठे के बगल वाली दो अंगुलियों से बंद करें। दाएं छिद्र से अंगूठा हटा दें और सांस छोड़ें। अब इसी प्रक्रिया को बाएं छिद्र के साथ दोहराएं। इसे प्रतिदिन 7-10 मिनट तक करने की आदत डालें।
भ्रामरी प्राणायाम
मन को शांत रखने, एकाग्रता बढ़ाने और थकान दूर करने के लिए रोज भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास भी बहुत फायदेमंद है। इसे करने के लिए सबसे पहले पद्मासन या सुखासन की अवस्था में बैठ जाएं। फिर अपना दाएं हाथ के अंगूठे से नाक के के दाएं छिद्र को बंद कर लें और बाएं छिद्र से भीतर की ओर सांस खीचें। अब बाएं छिद्र को अंगूठे के बगल वाली दो अंगुलियों से बंद करें। दाएं छिद्र से अंगूठा हटा दें और सांस छोड़ें। अब इसी प्रक्रिया को बाएं छिद्र के साथ दोहराएं। इसे 5 मिनट से 10 मिनट तक रोज करने से आप तरोताजा महसूस करेंगे और थकाम मिनटों में गायब होगी।
रोज करें ध्यान
ध्यान की अवस्था भी तनावमुक्त रहने में बेहद मददगार है। इसे आप कभी भी और कहीं भी कर सकते हैं। सुखासन या पद्मासन में बैठ जाएं। अगर ऑफिस में देर तक काम कर रहे हैं तो कुर्सी पर ही सीधे बैठ जाएं। आंखें बंद करें और गहरी सांस लें। अपनी सांस को महसूस करें और कुछ सेकेंड रुकें, फिर सांस छोड़ें।
इस प्रक्रिया को कम से कम 8-10 बार करें। फिर हाथों को आपस में रगड़ते हुए आंखों पर रखें और हाथों के नीचे धीरे-धीरे आंखें खोलें। आंखें खोलने के बाद ही हाथ हटाएं।