इस आसन में शरीर का आकार पर्वत के शिखर की तरह दिखता है इसलिए पर्वतासन कहा जाता है।
ऐसे करें पर्वतासन
कंबल या सूती वस्त्र समतल स्थान पर बिछाकर बैठ जाएं। योग मुद्रा में बैठें। रीढ़ को सीधा रखें, दोनों हाथों की उंगलियों को एक-दूसरे के साथ इंटरलॉक करें। हथेलियों को पलट कर सिर की सीध में रखें। हाथों को ऊपर की ओर लाएं और बाजू सीधा कर लें और गहरी सांस लेते हुए कंधे, बाजू और पीठ की मांसपेशियों में एक साथ खिंचाव महसूस करें। इस स्थिति में एक से दो मिनट तक रूकें। सांस छोड़ते हुए हाथों को नीचे लाएं। पैरों की स्थिति बदलें और पुनः आसन करें। यह अभ्यास 10 से 15 मिनट तक करें।
पर्वतासन से लाभ
इस आसन से कंधों में दर्द अथवा जकड़न की शिकायत दूर हो जाती है। रीढ़ की हड्डियों में मौजूद तनाव भी इस आसन से कम होता है। यह आसन बहुत ही आसान है। गर्भवती महिलाएं भी पहले छह महीने तक यह आसन कर सकती हैं।