होली के दिन को सिर्फ मौज मस्ती में नहीं बीताएं। इस दिन अगर आप संकल्प लेकर हर दिन 10 से 15 मिनट साधना पर ध्यान देंगे तो आपकी हर चाहत पूरी हो सकती है। चाहे वह चाहत धनवान बनने की हो या फिर कुछ और।
ध्यान की विधि
1.आराम से बैठ जाएं। आपका सिर और रीढ़ बिल्कुल सीधी अवस्था में हो। अपनी आंखों को बंद रखें। अपने अंत:मन में जागरूक होने की कोशिश करें। यदि आप किसी में विश्वास करते हैं तो यहि वह समय है जब आप अपने ईश्वर, गुरु, अध्यापक उपदेशक या किसी भी अन्य धार्मिक व्यक्ति से सहायता के लिए अनुरोध कर सकते हो।
2.गहरी सांस लें और इसे नियंत्रित करें। अब इसका प्रवाह देखें और धीरे धीरे बाहर छोड़ें। ऐसा तीन मिनट तक करें।
3. अबकि बार सांस छोड़ते समय अपने मन में ओम शब्द का उच्चारण करें। ओम बोलें। इलेक्ट्रोनसिफैलोग्राफ के अध्ययन से ज्ञान हुआ है कि शांच चित्त होकर ओम शब्द दोहराने से मस्तिष्क की तरंगों को आराम मिलता है। जिससे कि किसी पर ध्यान केंद्रित करने की शक्ति में वृद्धि होती है।
4.संभावना है कि आप किसी विचार या स्वप्न की गहराई में जा रहे हैं। जब आप इस तरीके से अभ्यास करते हैं, जैसे ही ऐसा होने लगे तब देखें कि आप क्या सोच रहे हैं। इस तरीके पर फिर वापस आ जाएं। और ओम बोलते हुए सांस छोड़ें।
5.पंद्रह मिनट तक ध्यान करने पर आपका मस्तिष्क बहुत स्थिर हो जाएगा। अब अपनी पलकों को बंद कर लें और अपनी भौंहों केमध्य स्थित बिंदु पर आरामपूर्वक ध्यान केंद्रित करें। यह तीसरी आंख की जगह है। और यही उस ऊर्जा का प्रवेश द्वार है। जिसके द्वारा आप सीधे विचारों पर ध्यान दे पाते हैं। और अपने लक्ष्य को ऊर्जा से भर देते हैं।
इस स्थिति से असावधान रहते हैं। अब अपने लक्ष्य के बारे में देखें। आप कल्पना कर सकते हैं वह व्यक्ति वैसा ही दिखे और तब सोचे कि उस व्यक्ति की स्थिति के बारे में ( पांच मिनट या उससे अधिक) तब ये दोनों तकनीक काम करना शुरू कर देगी। यदि आप जिज्ञासु हैं और कठिन चीजों को देख सकते हैं।
उस व्यक्ति और उस स्थिति के बारे में सोचें। यदि आप विश्वास करते हो तो अपने इष्ट देव को धन्यवाद देकर अपनी आंखें खोल लें। महसूस करेंगे कि अच्छी सी खुशी और गहन शांति की अनुभूति हो रही है।
जब तक आपको परिणाम न मिले आप इस प्रक्रिया को सप्ताह में कई बार दोहरा सकते हैं। यदि आपका लक्ष्य बड़ा है, प्राण के माध्यम से अच्छी संभावनाओं के साथ आप अपने लक्ष्य को ठीक से पा सकोगे।