चाहे सामान्य सिरदर्द हो या फिर माइग्रेन का दर्द, इसका पुख्ता उपचार पेन किलर खाकर दर्द को रोकना नहीं है बल्कि इनके ट्रिगर को समझकर इनसे पूरी तरह निजात पाना है। इसके लिए आज भले ही कितने भी शोध और टेकनीक क्यों न विकसित की जा रही हों लेकिन इनके उपचार में योग और प्राणायाम का लोहा आज विज्ञान भी मान रहा है।
खासतौर पर माइग्रेन के उपचार में योग की भूमिका का महत्व चिकित्सक आज खुलकर मानते हैं। अमेरिका के 'नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ' की 'नेशनल हेडेक फाउंडेशन' भी योग के इसी महत्व को समझते हुए अपने शोधों के आधार पर इसे माइग्रेन से छुटकारा पाने में कारगर मानती है। अगर आप भी माइग्रेन और सिरदर्द जैसी समस्याओं से परेशान हैं तो अपनी जीवनशैली में इन प्राणायम को जरूर शामिल करें।
ऐसे कारगर है प्राणायाम
प्राणायाम शरीर में सांसों की क्रियाओं पर नियंत्रण करता है। जब आप प्राणआयाम करते हैं तो शरीर के सभी अंगों में शुद्ध ऑक्सीजन का संचार होता है, खासतौर पर गर्दन और मस्तिष्क में। इससे माइग्रेन के अटैक या सिरदर्द की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।
गहरी श्वास लें
रोज सुबह या काम के दौरान ब्रेक लेते समय तीन मिनट तक सीधे बैठकर धीरे-धीरे गहरी सांस खींचने और छोड़ने से भी सिरदर्द या माइग्रेन से निपटने में आसानी होती है। इस प्रक्रिया से शरीर का तनाव भी कम होता है और आप तरोताजा महसूस करेंगे।
कपालभाति
कपालभाति भी इस समस्या से निजात के लिए बहुत कारगर प्राणायाम है। पद्मासन या सुखासन में सीधे बैठ जाएं और गहरी सांस खीचें, फिर जल्दी-जल्दी सांस छोड़ें। प्रतिदिन 10 से 15 मिनट कपालभाति का अभ्यास आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।
अनुलोम-विलोम
इसे करने के लिए सबसे पहले पद्मासन या सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं। फिर अपना दाएं हाथ के अंगूठे से नाक के के दाएं छिद्र को बंद कर लें और बाएं छिद्र से भीतर की ओर सांस खीचें। अब बाएं छिद्र को अंगूठे के बगल वाली दो उंगलियों से बंद करें। दाएं छिद्र से अंगूठा हटा दें और सांस छोड़ें। अब इसी प्रक्रिया को बाएं छिद्र के साथ दोहराएं। प्रतिदिन इसे 5 से 10 मिनट तक करें।
भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम के दौरान सुखासन में सीधे बैठ जाएं। दोनों कानों को अंगूठों से बंद करें व मध्य की दो उंगलियों को आंखों पर रखें। अब गहरी सांस लें और धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए गले से आवाज निकालें। इस प्रक्रिया के दौरन मुंह बंद रखें और श्वास की सारी क्रिया नाक से ही करें।
जल नेती
जल नेती भी माइग्रेन या सिरदर्द से राहत के लिए बेहतरीन उपाय है। इसे किसी योग्य प्रशिक्षक के संरक्षण में ही करें।