एक बार शनिदेव भगवान विष्णु के पास गए और उनका अभिवादन करके मां लक्ष्मी की ओर देखते हुए उन्होंने कि प्रभु हम दोनों आपको कैस लगते हैं? भगवान विष्णु कुछ समय के लिए मौन हो गए, क्योंकि पास में बैठी मां लक्ष्मी उनकी पत्नी थी और शनि देव एक अप्रिय ग्रह। अगर भगवान विष्णु इस वास्तविकता को बता देते तो शनि देव नाराज हो जाते। सोच में डूबे भगवान विष्णु के सामने शनिदेव ने वापस से सवाल दोहराया।
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तब भगवान विष्णु ने कहा कि शनि देव आप लक्ष्मी जी के साथ उस सामने वाले वृक्ष तक जाओ और उसका स्पर्श कर प्रमाण स्वरूप एक पत्ता लेकर मेरे पास आए। दोनों ने तत्काल आदेश का पालन किया। मां लक्ष्मी भी जानना चाहती थी कि भगवान विष्णु उनके बारे में क्या भावना रखते हैं।
भगवान विष्णु दोनों को अपलक देखते रहे। कुछ समय बाद दोनों वृक्ष का स्पर्श कर प्रमाण स्वरूप एक एक पत्ता लेकर वापस आ गए। तब शनि उत्सुकता से उनका अपने प्रश्न का उत्तर पाने के लिए निहारने लगे। भगवान विष्णु बोले 'हे शनि तुम जाते हुए मुझे अच्छे लग रहे थे' और 'हे लक्ष्मी तुम आती हुई अच्छी लग रही थी'। भगवान विष्णु के इस उत्तर पर दोनों प्रसन्न हो गए। भगवान विष्णु के इस जवाब का तात्पर्य ये है कि शनि उतरता हुआ यानी जाता हुआ ही अच्छा और शुभ होता है। लक्ष्मी आती हुई अच्छी लगती है। धन की देवी का आना हर किसी को अच्छा लगता है।
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