फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीख: मौका मिलने पर दूसरों की मदद जरूर करना चाहिए

Thu, 11 Jan 2018 10:17 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन

रिया की आंखें नम थीं। सामने वही कॉलेज का स्टेज था, जहां रिया और निकी आज अपनी गायकी प्रस्तुत करने वाली थीं। वे पिछले कई महीनों से अपने कार्यक्रम की तैयारी कर रही थीं। रिया और निकी का सपना था कि वे एक ऐसा बैंड बनाएं, जो एक दिन दुनिया में अपना नाम कमा सके। रिया और निकी काफी हद तक अपने इस सपने को साकार करने वाली थीं। उनके गानों के वीडियो सबको बहुत पसंद आ रहे थे। उन्होंने अपना पहला लाइव शो अपने कॉलेज में आज के ही दिन रखा था। लेकिन दो दिन पहले जब निकी कॉलेज से बाहर निकल रही थी, तो एक तेज रफ्तार कार ने उसे कुचल दिया।

विज्ञापन


रिया जब स्टेज पर पहुंची, तो उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उसने कहा, मैं गाना गाऊंगी, क्योंकि यह निकी का गाना है। लेकिन उससे पहले मैं आप लोगों से एक गुजारिश करना चाहती हूं। मेरी सबसे अच्छी दोस्त निकी परसों रिहर्सल के बाद जब बाहर निकली, तो एक तेज रफ्तार गाड़ी ने अपना नियंत्रण खोकर उसे कुचल दिया। निकी अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन इसका जिम्मेदार सिर्फ वही शख्स नहीं, जो गाड़ी चला रहा था। पास में कई खाने-पीने के ठेले वाले थे। लेकिन उनमें से कोई पुलिस के चक्करों में नहीं पड़ना चाहता था, इसलिए किसी ने निकी को नहीं उठाया।

कुछ गाड़ी वाले भी थे, जो पब से लौट रहे थे। उन्होंने निकी को इस डर से नहीं उठाया कि पुलिस को उनके कपड़ों और मुंह की दुर्गंध से पता चल जाएगा कि उन्होंने पी रखी है। आते-जाते कई लोगों ने निकी को दम तोड़ते देखा, पर अपनी-अपनी वजहों से कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। मेरी बस इतनी गुजारिश है कि अगर आपके सामने ऐसा कुछ हो, या आपको कभी मदद करने का मौका मिले, तो कृपया ऐसे मुंह मत फेरिएगा। क्या पता, कल कोई आपका अपना भी ऐसी किसी घटना का शिकार हो जाए और उसकी भी कोई मदद न करे!
विज्ञापन
विज्ञापन


अमर उजाला के हरियाली और रास्ता से साभार

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें