माता सीता को जब रावण के चंगुल से छुड़ाने के लिए समुद्र पर सेतु बांधने की तैयारी चल रही थी, तभी भगवान राम को समुद्र सेतु पर शिवलिंग स्थापित करने की इच्छा हुई।उन्होंने हनुमानजी से कहा कि 'मुहुर्त के भीतर काशी जाकर भगवान शंकर से लिंग मांग कर लाओ। हनुमान जी क्षणभर में काशी पहुंच गए। इस पर उन्हें गर्व का अनुभव होने लगा। श्रीराम जी को इस बात का पता लग गया। उन्होंने सुग्रीव को बुलाया और कहा कि मुहुर्त बीतने वाला है, अतएव मैं रेत से बनाकर एक लिंग स्थापित कर देता हूं।