अकसर लोग कहते हैं कि एक सफल पुरुष के पीछे स्त्री की शक्ति होती है। पर मेरा कहना है कि हर सफलता के पीछे दिव्य शक्ति होती है जो कहती है- ''मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं''। यह दिव्यता हमारे अंदर तभी उदय होती है जब आप प्रार्थना करते हैं और उसे पुकारते हैं।
प्रार्थना करने के लिए आपको किसी विशेष योग्यता या सामर्थ्य की आवश्यकता नहीं है। आप चाहे ज्ञानी हों या अज्ञानी, चाहे धनी हों या निर्धन आप प्रार्थना कर सकते हैं।
जीवन में विकास के लिए प्रार्थना एक महत्वपूर्ण साधन है। जब आप किसी बाधा का सामना करने में कठिनाई महसूस करें तब दिल से की गई प्रार्थना चमत्कार कर सकती है। जो आप करने में सक्षम हैं, वो आप करते हैं। और जिसे आप करने में असक्षम हों, उसके लिए आप प्रार्थना कर सकते हैं!
आप चाहे जो भी कर्म करें, बस इतना जान लें कि उसके फल का अधिकार उस परमशक्ति का ही है और आप प्रार्थना के माध्यम से उस परमशक्ति की ताकत तक पहुंच सकते हैं।