आज दशहरा है, हर साल दशहरा के दनि रावण का पुतला जलाकर उत्सव मनाया जाता है। माना जाता है कि आज के दिन ही भगवान राम ने रावण का वध किया था।
लेकिन रावण का वध राम के लिए भी आसान नहीं था। रामचरित मानस के अनुसार रावण के रणभूमि में आने पर राम और रावण के बीच घमासान युद्ध होने लगा। भगवान राम रावण के सिर काट देते लेकिन तुरंत ही रावण के धड़ पर नया सिर आ जाता। राम इस माया को देखकर हैरान थे।
रावण के वध का कोई उपाय न देखकर भगवान राम चिंता में पड़ गए। इस बीच रावण का छोटा भाई विभिषण आकर भगवान राम से कहने लगा कि हे रघुनंदन रावण महायोगी है। इसने अपने योग बल से प्राण को नाभि में स्थिर कर रखा है।
आप अपने दिव्य बाण रावण की नाभि में मारिए। इससे आप रावण का वध करने में सफल होंगे। भगवान राम इस रहस्य को जानकर उत्साहित हो गए और नाभि की ओर निशाना साध कर बाण चला दिया। रावण तड़पकर भूमि पर गिर पड़ा, इस तरह भगवान राम रावण का वध करने में सफल हुए।
माना जाता है कि, रावण पर विजय पाने के लिए भगवान राम ने नवमी की रात में मां दुर्गा की पूजा की थी। मां दुर्गा के वरदान से राम ने रावण का वध किया और पृथ्वी को रावण के अत्याचार से मुक्त कराया।