राम्या की कहानी, जिसे नौकरी में पहले दिन अधिकारी के सवालों ने जीवन के बारे में बहुत कुछ सिखा दिया। राम्या के ऑफिस का पहला दिन था। जब वह ऑफिस पहुंची, तो देखा कि उस जैसे कई लोगों का भी पहला दिन था, जो कॉलेज से निकल कर पहली बार नौकरी करने आए थे। वहां लगभग सौ-डेढ़ सौ लोग मौजूद थे। राम्या सोचने लगी कि कंपनी बड़ी है, तो जाहिर कि भर्ती भी बड़े स्तर पर हुई होगी।
तभी वहां पर कंपनी के एक अधिकारी आए। कंपनी में आए नवोदितों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, काम के पहले दिन आप सब एक रेस में भाग लेने वाले हैं। एक ऐसी रेस, जो आपको इस कंपनी की विचारधारा समझा देगी। मैं पहले आपसे कुछ सवाल पूछूंगा। आपमें से जिन-जिनके उत्तर उस सवाल के लिए हां में हों, वे अपने स्थान से दो कदम आगे बढ़ जाएंगे और बाकी अपनी जगह खड़े रहेंगे। सारे लोग एक कतार में खड़े थे।
अधिकारी ने पूछा, घर में खाना न होने के कारण क्या कभी आप भूखे सोए हैं? कुछ लोग दो कदम आगे बढ़ गए। फिर पूछा, क्या आपने कभी घर की जिम्मेदारियों की वजह से अपना कोई सपना खोया है? फिर कुछ लोग आगे बढ़ गए। फिर अधिकारी ने पूछा, क्या आपमें से किसी ने बिना छत के रात गुजारी है? इस तरह अधिकारी ने कुल दस सवाल पूछे और अनेक लोग कतार से काफी आगे निकल गए।
अधिकारी बोले, आप सोच रहे होंगे कि मैं इन सवालों से क्या साबित करना चाहता हूं। सभी लोग अधिकारी की तरफ देखने लगे। अधिकारी बोले, सबसे पीछे की कतार में खड़े वे लोग हैं, जिन्हें कभी किसी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा, पर जो सबसे आगे है, वे ऐसे लोग हैं, जिन्होंने जिंदगी की कई कसौटियां पार की हैं। रेस में हो सकता है, कोई आगे निकल जाए, कोई पीछे रह जाए। किसी को एक के बाद एक अवसर मिलता जाए और किसी को अवरोध मिलता चला जाए, पर अपने को किसी से बेहतर या हारा हुआ मत समझना। हमारी ताकत एक दूसरे का हाथ पकड़ कर चलने से बढ़ेगी। साथ में चलेंगे, तो सबकी जीत होगी।