आचार्य चाणक्य
- फोटो : Social media
जब स्वयं से शक्तिशाली हो शत्रु-
युद्ध भूमि से पीठ दिखाकर भागने को भले ही लोग कायरता कहते हैं लेकिन आचार्य चाणक्य का कहना है कि यदि शत्रु आपसे शक्तिशाली हो या अचानक आपके ऊपर आक्रमण कर दे और उस स्थिति में आप कुछ भी करने योग्य न हो तो उस परिस्थिति में छिप जाना ही उचित होता है क्योंकि जब प्राण बचे रहेंगे तभी आप शत्रु पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में उस समय वहां से हट जाने के बाद अपने शुभचिंतकों को एकत्रित करके, स्वयं को शक्तिशाली बनाकर पुनः शत्रु पर आक्रमण करना चाहिए। नीति शास्त्र के अनुसार, शक्तिशाली शत्रु को बल से नहीं बुद्धि से पराजित करना चाहिए।