कांच टूटना
ज्योतिष शास्त्र के साथ-साथ चाणक्य नीति के अनुसार घर में टूटा हुआ शीशा भी परेशानी का संकेत माना जाता है। शीशा टूटना एक सामान्य घटना है। लेकिन अगर शीशा टूट रहा है तो ये अच्छा संकेत नहीं है। चाणक्य नीति के अनुसार, टूटा हुआ कांच घर में आर्थिक तंगी का संकेत हो सकता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार घर में टूटा हुआ शीशा नहीं रखना चाहिए, इससे आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
घर में क्लेश और कलह
हमारे प्राचीन ग्रंथों में ऐसी कई बातें हैं जो हमें आने वाले खतरे से आगाह करती हैं। जिस घर में हमेशा कलह का माहौल रहता है वहां लक्ष्मी कभी निवास नहीं करती हैं। इसका उल्लेख सिर्फ चाणक्य नीति में ही नहीं बल्कि हमारे धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है। अगर किसी घर में अचानक झगड़ा होने लगे, घर के सदस्य बात-बात पर एक-दूसरे पर गुस्सा करने लगें, छोटी-छोटी बातों पर घर में क्लेश का माहौल रहने लगे तो यह संकेत हैं कि घर में आर्थिक संकट आने वाला है। घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए घर का माहौल खुशनुमा रखना बहुत जरूरी है।
बड़ों का अपमान
आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस घर में बड़े-बुजुर्गों का सम्मान नहीं होता, उस घर के लोग खुश नहीं रहते, समझ लें कि यह आने वाले आर्थिक संकट का संकेत है। वरिष्ठजनों के आशीर्वाद से घर में सदैव उन्नति होती रहती है। लेकिन जिस घर में बड़े-बुजुर्गों या वरिष्ठजनों का सम्मान नहीं किया जाता, बात-बात पर उनका अपमान किया जाता है, उनकी सेवा नहीं की जाती, उस घर में लक्ष्मीजी कभी नहीं आती।
पूजा पाठ में मन
जिस घर में नियमित पूजा होती है उस घर में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है और घर का माहौल खुशनुमा रहता है। साथ ही पूजा के बाद पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। वहीं अगर आपका मन पूजा-पाठ से हट जाए या आपका पूजा-पाठ में मन न लगे तो उस घर में आर्थिक तंगी की स्थिति उत्पन्न होती है।
तुलसी का पौधा
सनातन धर्म में तुलसी का बहुत महत्व है। हर घर के आंगन में तुलसी का पौधा सुख समृद्धि लाता है। लेकिन अगर यही पौधा अचानक सूख गया हो तो यह आने वाले आर्थिक संकट का संकेत देता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।