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Chanakya Niti For Students: इन आदतों के कारण विद्यार्थियों को हमेशा मिलती है असफलता, आज ही करें इनका त्याग

Tue, 04 Jun 2024 12:35 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chanakya Niti For Student: चाणक्य, जो 'कौटिल्य' के नाम से भी विख्यात हैं। उनकी गणना उस समय के महान शिक्षकों में की जाती है। यही नहीं आचार्य चाणक्य एक अच्छे सलाहकार और एक महान अर्थशास्त्री माने जाते थे।
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Chanakya Niti For Student - फोटो : freepik.com
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विस्तार
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Chanakya Niti For Students: चाणक्य, जो 'कौटिल्य' के नाम से भी विख्यात हैं। उनकी गणना उस समय के महान शिक्षकों में की जाती है। यही नहीं आचार्य चाणक्य एक अच्छे सलाहकार और एक महान अर्थशास्त्री माने जाते थे। उन्होंने एक महान ग्रंथ की रचना भी की है, जिसे चाणक्य नीति के नाम से जाना जाता है। आचार्य चाणक्य ने तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की थी। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद वह एक लंबे समय तक इसी विश्वविद्यालय में शिक्षक के पद पर आसीन रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के जीवन को संवारने के लिए कई सफलता सूत्र दिए है, जिससे विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन मिलता है।

चाणक्य के अनुसार जीवन में विद्यार्थी होने का समय सबसे अनमोल होता है। इस उम्र में किए गए प्रयास से उज्ज्वल भविष्य का निर्माण किया जाता है, इसलिए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य और अन्य कार्यों को पूर्ण करने के लिए ठोस रणनीति का निर्माण करना चाहिए। सभी कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से करने पर वह उसका लाभ भी उठा सकते हैं। हालांकि, चाणक्य ने विद्यार्थियों की उन आदतों का भी उल्लेख किया है, जो उन्हें औरों से पीछे कर देती है। इन आदतों का त्याग करने में ही भलाई है। इसी कड़ी में आइए इनके बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

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आलस का करें त्याग
चाणक्य के अनुसार छात्रों का जीवन तपस्या का समय होता है। इस दौरान की गई मेहनत से एक अच्छे जीवन का निर्माण होता है। ऐसे में कार्य के प्रति आलस करने से बचना चाहिए। हर काम में आलस दिखाने की आदत विद्यार्थियों को धीरे-धीरे असफलता की ओर ले जाती है।

गुरु का अपमान कभी न करें
चाणक्य के अनुसार जो विद्यार्थी अपने गुरु का अपमान करते है, उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाते है,वह हमेशा औरों से पीछे रह जाते है। जीवन को सही मार्ग दिखाने में गुरु का बड़ा योगदान होता है। साथ ही ये हमें जीवन जीने की सीख देते हैं। इसलिए कभी भी किसी गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं, तो समाज में भी आपको सम्मान नहीं मिलेगा।

लालच
लालच विद्यार्थी को हमेशा गलत राह की ओर प्रेरित करता है। लालच के चलते छात्रों की मेहनत में कमी आने लगती है, जो कामयाबी की राह में बाधा उत्पन्न करती है। चाणक्य के अनुसार जीवन में सफलता हासिल करने के लिए विद्यार्थियों को हमेशा कठिन मेहनत करनी चाहिए। किसी शॉर्टकर्ट का सहारा लेने वाले छात्र हमेशा पीछे रह जाते है, और अपना भारी नुकसान स्वयं करते हैं।

मनोरंजन का करें त्याग
कुछ बच्चे खेल को अधिक समय देते है, और पढ़ाई के लिए कम समय निकालते हैं। ऐसा करना सही नहीं है। आचार्य चाणक्य के अनुसार एक छात्र को हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहना चाहिए और उसे पूरा करने के लिए हर दिन कठिन प्रयास करना चाहिए। यदि आप लक्ष्य से भटक जाते हैं, तो जीवन में तरक्की करना मुश्किल होता है।
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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