Vidur Niti: किसी का भरोसा जीतना आसान है, मुश्किल है उसे निभाना! इंसान से इंसान केवल भरोसे की डोर पर जुड़ता है। इस डोर के जरिए वह अपने मन में चल रही सभी परेशानी, सवाल-जवाब व विचारों का आदान-प्रदान करता है। लेकिन वर्तमान में इस डोर के कमजोर होने से व्यक्ति अकेला हो चुका है। अब हर छोटी से छोटी समस्याओं को लेकर वह तनाव से घिरा रहता है।
जीवन में हमेशा उतार-चढ़ाव बना रहता है। ऐसे में किसी का साथ न मिलने पर इंसान की भावनाओं को ठेस पहुंचती है। महात्मा विदुर के अनुसार व्यक्ति को अपनी परेशानियों का सामना अकेले ही करना चाहिए। इससे आपकी सहन शक्ति मजबूत होती है, और निर्णय लेने की क्षमता में भी सुधार आता है। उनका मानना है कि जीवन में विपरीत परिस्थितियां हमेशा इंसान को मजबूत बनाने के लिए आती है। ऐसे में दूसरे पर निर्भर रहने की बजाए उसका हल स्वयं करें।
यदि आप किसी पर पूरी तरह से निर्भर रहते हैं, तो हमेशा असफलता मिलती है। ऐसी ही कई अन्य बातों का जिक्र महात्मा विदुर ने किया है, जो कठिन समय में काम आती है। आइए इसके बारे में जान लेते हैं।