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Chanakya Niti: रिश्तों में जहर घोल देती हैं ये 5 गलतियां, चाणक्य की इन बातों को गांठ बांध लें

Sun, 13 Sep 2026 05:58 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

रिश्ते प्यार और भरोसे से मजबूत होते हैं, लेकिन छोटी-छोटी गलतियां इनमें दूरी पैदा कर सकती हैं। चाणक्य नीति में ऐसी कई बातों का जिक्र है, जिन्हें अपनाकर रिश्तों में मिठास बनाए रखी जा सकती है।
 
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Chanakya Niti - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Chanakya Niti Quotes: रिश्ते जीवन का अहम हिस्सा होते हैं। परिवार और रिश्तेदारों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए सिर्फ प्यार ही नहीं, बल्कि व्यवहार और शिष्टाचार का भी ध्यान रखना जरूरी है। कई बार हमारी छोटी-छोटी आदतें सामने वाले को बुरी लग सकती हैं और इसका असर रिश्तों पर पड़ता है। आचार्य चाणक्य ने अपने नीति विचारों में लोगों के व्यवहार और सामाजिक संबंधों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। अगर आप रिश्तेदारों के साथ अपने संबंध मधुर बनाए रखना चाहते हैं, तो उनसे मिलने-जुलने के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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बिना बताए किसी के घर न पहुंचें
किसी रिश्तेदार के घर अचानक पहुंचने से बचना चाहिए। हो सकता है कि वह किसी जरूरी काम में व्यस्त हों या घर पर किसी अन्य कारण से उपलब्ध न हों। इसलिए किसी के घर जाने से पहले फोन करके या संदेश के जरिए जानकारी देना बेहतर होता है। इससे सामने वाले को भी आपकी मेजबानी के लिए तैयारी करने का समय मिल जाता है।

जाते समय कुछ लेकर जाएं

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रिश्तेदारों के घर जाते समय अपनी क्षमता के अनुसार कोई छोटी-सी चीज लेकर जाना अपनापन दर्शाता है। आप फल, मिठाई या कोई सामान्य उपहार ले जा सकते हैं। इसका मकसद दिखावा करना नहीं, बल्कि सामने वाले के प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त करना होना चाहिए।
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घर के निजी मामलों में दखल न दें
रिश्तेदारों के घर जाकर उनके निजी या पारिवारिक मामलों में जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप करने से बचें। पति-पत्नी के बीच के विवाद, घरेलू खर्च या परिवार के दूसरे निजी विषयों पर बिना पूछे राय देना रिश्ते में तनाव पैदा कर सकता है। अगर कोई सलाह मांगे तभी अपनी बात रखें।

जरूरत से ज्यादा दिनों तक न ठहरें
किसी रिश्तेदार के घर मेहमान बनकर जाएं तो लंबे समय तक रुकने से बचना चाहिए, खासकर तब जब आपके ठहरने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही हो। थोड़े समय की मुलाकात अक्सर रिश्तों में मिठास बनाए रखती है और मेजबान भी सहज महसूस करता है।
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दिखावे और चुगली से रहें दूर

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रिश्तेदारों के बीच अपनी संपत्ति, कमाई या उपलब्धियों का जरूरत से ज्यादा प्रदर्शन करने से बचना चाहिए। इसी तरह किसी दूसरे रिश्तेदार की बुराई या चुगली भी नहीं करनी चाहिए। सामने वाला यह सोच सकता है कि आप उसकी गैरमौजूदगी में उसके बारे में भी इसी तरह बातें करेंगे।

रिश्तों में सम्मान है सबसे जरूरी
रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए व्यवहार में विनम्रता, सम्मान और समझदारी जरूरी है। रिश्तेदारों से मिलने के दौरान अगर आप उनकी सुविधा और भावनाओं का ध्यान रखेंगे, तो आपसी संबंधों में विश्वास और अपनापन बना रहेगा।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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