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नर्क में पहुंचा सकता है खाने का ग़लत तरीका

Sat, 27 Apr 2013 11:26 AM IST
राकेश/इंटरनेट डेस्क।
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खाना खाते समय हम भोजन और उसके स्वाद के बारे में सोचते हैं लेकिन कभी सोचा है कि खाने का गलत तरीका  नर्क में पहुंचा सकता है। गलत तरीके से भोजन करने पर पशु और दूसरे नीच योनियों भी में जाना पड़ता है। आप इसे हल्के में न लें इसलिए हम बता देते हैं कि यह 'भविष्य पुराण' कहता है।
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पुराण के अनुसार भोजन देवी अन्नपूर्णा की कृपा से प्राप्त होता है। इसलिए भोजन करते समय अपना पूरा ध्यान भोजन पर केन्द्रित करना चाहिए न कि दुनिया जहान की सारी बातें खाते समय करना। ऐसा करने से देवी अन्नपूर्णा दुःखी होती हैं।

भोजन को देखकर नाक-भौह सिकोड़ने की प्रवृति भी नहीं होनी चाहिए। भोजन जब भी सामने आये जितनी रूचि हो प्रसन्नतापूर्वक ग्रहण करें। बहुत से लोगों की आदत होती है कि मित्र अगर कुछ खा रहा है और वह वस्तु आपको भी पसंद है तो तोड़कर एक टुकड़ा मुंह में डाल लिया।
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इस प्रकार से कुछ खाना जूठा खाना कहलाता है। इससे पाप बढ़ता है और उर्जा एवं मानसिक क्षमता में कमी आती है। शास्त्रों में नौ प्रकार के महापाप बताए गये हैं इनमें एक पाप अति भोजन भी है। इसलिए भोजन संतुलित करना चाहिए।

अति भोजन से स्वस्थ्य प्रभावित होता है जिससे क्रोध बढ़ता है। दान, धर्म एवं पुण्य कर्म भली प्रकार से नहीं हो पाता है और व्यक्ति पाप कर्म का भागी बन जाता है।
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भोजन के समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि जितना खाना हो एक बार में खाकर उठें, भोजन करने के बीच उठने पर फिर से उस भोजन को ग्रहण नहीं करना चाहिए।
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